अब रमजान का महीना चल रहा है और ऐसे में हर मुस्लिम शख्स रोज़ा रखता है। हिन्दू और मुस्लिम एक साथ नहीं रह सकते और उनके बारे में हमेशा ही बड़काऊ खबरें आती हैं। लेकिन गुजरात से कुछ अलग ही खबर आई है। यहां रमज़ान के महीने में हिंदु और मुस्लिम समुदायों के लोग साथ मिलकर रोज़ा-इफ़्तार करते हैं।
हिन्दू भी रखते है रोज़ा-इफ्तारी:
रमज़ान के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग रोज़ा रखते हैं। शाम को वो इफ़्तार के साथ अपना रोज़ा खोलते हैं। इस दौरान कई तरह के पकवान और फल खाने का रिवाज़ है। रोज़ा रखने के बाद इफ़्तार मुस्लिम सुमदाय के लोग ही करते हैं, लेकिन सूरत की हज़रत ख़्वाजा दरगाह में हर साल कुछ अलग ही नज़ारा देखने को मिलता है। रमज़ान के महीने में यहां हिंदू-मुस्लिम दोनों धर्म के लोग इक्कठा होकर इफ़्तार करते हैं।
धार्मिक सद्भाव का प्रतीक:
कई हिंदू इस दरगाह में आते हैं। ये धार्मिक सद्भाव का एक बड़ा प्रतीक है।’ ऐसे ही कई लोग आते हैं और उनका भी ऐसा ही मानना है कि इफ़्तार सिर्फ़ मुस्लिमों के लिए नहीं है, ये सभी के लिए है।






























































