मोदी सरकार का शपथग्रहण समारोह कल, बंगलादेश के राष्ट्रपति दिल्ली पहुंचे

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मनोनीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूसरे शपथ ग्रहण के भव्य समारोह की तैयारियां पूरी कर लीं गयीं हैं और सबसे पहले मेहमान के रूप में बंगलादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हमीद बुधवार की शाम यहां पहुंच गये। कड़े सुरक्षा प्रबंध के बीच राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में गुरुवार शाम सात बजे शपथग्रहण समारोह आरंभ होगा जिसमें मोदी के साथ पचास से अधिक मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के सदस्यों को शपथ दिलाएंगे।

शपथग्रहण समारोह में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों के साथ विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों तथा अनेक विदेशी मेहमानों को भी निमंत्रण भेजा गया है। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के शिकार बने लोगों के परिजनों को भी शपथग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कल शपथ लेने से पहले राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे और फिर पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की समाधि पर भी श्रद्धांजलि देंगे। वह इंडिया गेट के समीप युद्ध स्मारक जाकर शहीद सैनिकों को भी पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

मोदी ने बंगाल की खाड़ी के तटवर्ती एवं समीपवर्ती देशों के अंतरराष्ट्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग संगठन बिम्सटेक के सदस्य देशों बंगलादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड के अलावा किर्गीज गणराज्य और मॉरीशस के नेताओं को समारोह में आमंत्रित किया है। बंगलादेश के राष्ट्रपति हमीद शाम साढ़े सात बजे विशेष विमान से नयी दिल्ली पहुंच चुके हैं।

मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द कुमार जगन्नाथ, भूटान के प्रधानमंत्री लोते शेरिंग, म्यांमार के राष्ट्रपति यू विन मिन्त, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और थाईलैंड के विशेष राजदूत ग्रिसाडा बूनराच कल दोपहर तक पहुंच जाएंगे। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वर्तमान अध्यक्ष किर्गीज गणराज्य के राष्ट्रपति सूरोन जीनबेकोव भी आ रहे हैं।

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद, कई अन्य दलों के प्रमुख नेता शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले आने की सहमति जतायी थी लेकिन बाद में उन्होंने मना कर दिया।

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