गालिब की फनी शायरी

गालिब फरमाते हैं, चली जाती हैं आए दिन वो ब्यूटी पार्लर में यूं उनका मकसद है मिसाले-हूर हो जाना। मगर ये बात किसी बेग़म की समझ में...

तू नहीं तो ज़िंदगी में और क्या रह जायेगा

तू नहीं तो ज़िंदगी में और क्या रह जायेगा, दूर तक तन्हाइयों का सिलसिला रह जायेगा, आँखें ताजा मंजरों में खो तो जायेंगी मगर, दिल पुराने मौसमों...

ख्वाब आँखों में जितने पाले थे

ख्वाब आँखों में जितने पाले थे, टूट कर के बिखर ने वाले थे। जिनको हमने था पाक दिल समझा, उन्हीं लोगों के कर्म काले थे। पेड़ होंगे जवां...

तेरा मुजरिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे

अपनी आँखों के समंदर में उतर जाने दे, तेरा मुजरिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे । ऐ नए दोस्त मैं समझूँगा तुझे भी अपना, पहले...

जज: तुमने एक ही दुकान में तीन दिन चोरी क्यों की?

जज: तुमने एक ही दुकान में तीन दिन चोरी क्यों की? चोर: पहले दिन मैंने बीवी के लिए सूट चोरी किया था। जज: बाकी दो दिन? चोर:...

सपनों के लिए तो जमीं जरुरी है

आसमाँ में मत ढूंढ़ अपने सपनों को, सपनों के लिए तो जमीं जरुरी है, सबकुछ मिल जाये तो दुनिया में क्या मजा, जीने के लिए एक कमी...

अब देखते हैं किस दिन हमें वो याद करते हैं।

तड़पते हैं, न रोते हैं, न हम फ़रियाद करते हैं, सनम की याद में हरदम खुदा को याद करते हैं, उन्हीं के इश्क़ में हम दर्द...

हँसते हँसते रोने का दर्द क्या होता है

हमसे पूछो किसीको खोने का ग़म क्या होता है, हँसते हँसते रोने का दर्द क्या होता है, खुदा उसी से क्यों मिला देता है हमें, जिसका साथ...

कार की चाबी दो, कॉलेज जाना हे….

बेटा (पापा से): कार की चाबी दो, कॉलेज जाना हे फंक्सन हे . पापा : क्यों ? बेटा : 10 लाख की गाड़ी में जाऊंगा तो...

वो बदल गए अचानक, मेरी ज़िन्दगी बदल के

कभी मुझ को साथ लेकर, कभी मेरे साथ चल के, वो बदल गए अचानक, मेरी ज़िन्दगी बदल के। हुए जिस पे मेहरबाँ तुम, कोई ख़ुशनसीब होगा, मेरी...