नई दिल्ली: जेएनयू एक बार फिर विवादों में है। जेएनयू में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे के बाद अब वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े भाजपा नेताओं का दशहरे के दिन पुतला दहन किया गया। मामले को जहां पीएमओ सहित गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है वहीं आईबी के एक इनपुट पर गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से संबंधित मामले की रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में मौजूद जेएनयू इन दिनों असामाजिक तत्वों का गढ़ बन गया है,साथ ही यहां पर कुछ कंट्टरपंथी देशविरोधी विचारधारा को चला रहा है। आईबी के मुताबिक ऐसी विचारधारा के युवकों को आईएस सहित कई प्रतिबंधित संगठन वरगला सकते हैं, जिसके चलते काफी बड़ा नुकसान हो सकता है।
मामले में गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस आयुक्त सहित एचआरडी से मामले की पूर्ण रिपोर्ट मांगी है। मामले में वसंत कुंज थाने में अज्ञात छात्रों के खिलाफ शिकायत दी गई है, जिस पर पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज कर लिया है। दूसरी तरफ इस पुतला दहन के बाद एबीवीपी ने अपना विरोध जताया। जानकारी के मुताबिक बीते मंगलवार को जेएनयू कैंपस में एनएसयूआई के बैनर तले रावण का पुतला जलाया गया लेकिन ये पुतला रावण का नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री का था।
पुतले में 10 सिर थे
इस पुतले में 10 सिर थे, ऐसे में पीएम के साथ अन्य नौ सिरों की जगह, योग गुरु बाबा रामदेव, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, नाथूराम गोडसे, रामदेव, महंत आदित्यनाथ, आसाराम और साध्वी प्राची आदि के चेहरे लगाए गए थे। साथ ही छात्रों ने स्लोगन लिखे हुए थे, बुराई पर सत्य की जीत होकर रहेगी। इस मौके पर मोदी और अन्य चेहरों के खिलाफ नारेबाजी की भी की गई। ये पुतला कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने जेएनयू परिसर में सरस्वती ढाबा के पास पीएम और अन्य नेताओं का पुतला जलाया । इस दौरान सैकड़ों छात्र वहां मौजूद थे।
एनएसयूआई ने इस मौके पर कहा है कि वीसी के जरिए जेएनयू में मुस्लिम छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है। हमने विरोध के लिए विजयादशीम का दिन चुना, क्योंकि इसी दिन बाबा साहब अम्बेडकर ने नागपुर में बौद्ध धर्म अपनाया था। एनएसयूआई की तरफ से कहा गया कि हमने जुमलों, झूठ और फरेब के रावण का पुतला फूंका है। इस घटना से जहां पीएमओ नाराज है,वहीं आईबी ने दोबारा से जेएनयू में देश विरोधी गतिविधियों पर चिंता जताई है। पीएमओ ने मामले में गृह मंत्रालय और एचआरडी से स्पष्टीकरण मांगा है।
एनएसयूआई को कारण बताओ नोटिस
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में छात्र संगठन एनएसयूआई की जेएनयू यूनिट द्वारा दशहरा पर रावण की जगह प्रधानमंत्री का पुतला जलाने को लेकर एनएसयूआई ने कड़ा रुख इख्तियार किया है। छात्र संगठन ने जेएनयू विंग को कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला लिया है। जेएनयू में पीएम का पुतला जलाए जाने को एनएसयूआई ने छात्र संगठन द्वारा नैतिक संहिता का उल्लंघन बताया है।
एनएसयूआई ने दी सफाई
एनएसयूआई के अध्यक्ष ने कहा कि हम किसी के भी पुतले को जलाए जाने के खिलाफ हैं। हालांकि छात्रों की ये हरकत देश के युवाओं के बीच अशांति को दर्शाती है।





























































