रोहतक में निर्भया जैसी गैंगरेप की वारदात के बाद पुड्डुचेरी की उपराज्यपाल (एलजी) किरण बेदी ने देशभर के पेरेंट्स को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सभी पेरेंट्स अपने बेटों पर कड़ी नजर रखें। बेटों की चाहत रखने वालों को सोचना चाहिए कि वो सोसाइटी को क्या दे रहे हैं। देश में बेटियों/महिलाओं के साथ बढ़ते क्राइम पर बेदी ने कहा कि मेरा मानना है कि अब न्यू इंडिया का स्लोगन ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की जगह ‘बेटी बचाओ, अपनी-अपनी’ कर देना चाहिए।
बेदी ने आगे कहा कि हरियाणा में एक बेटी के साथ गैंगरेप और मर्डर जैसी बर्बरता होती ही नहीं। अगर पेरेंट्स अपनी जिम्मेदारियां अच्छी तरह से निभा रहे होते। लोगों को बेटा चाहिए, लेकिन कैसा? जो भविष्य में उनका ख्याल रखे और सोसाइटी में अपनी अहमियत रखे। या वो जो हिंसक हो जाए और समाज के लिए खतरा हो। समाज के डर से बेटियों पर बारीकी से नजर रखी जाती है। वहीं, हम बेटों को अपनी आजादी से बढऩे के लिए छोड़ देते हैं। बाद में इन्हीं लोगों को बेटों से धमकियां मिलती हैं। जिन्होंने सारी जिंदगी बेटियों को कमतर समझा।





























































