केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई.) ने उच्चतम न्यायालय को बताया है कि एम.बी.बी.एस. और बी.डी.एस. पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) में शामिल होने वाले छात्रों के लिए इस साल से प्रश्न पत्र का सिर्फ एक सैट तैयार किया जाएगा।
सी.बी.एस.ई. ने न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति एफ.ए. नजीर की पीठ को बताया कि पहले छात्रों को ङ्क्षहदी एवं अंग्रेजी सहित 10 भाषाओं में ‘नीट’ में शामिल होने की अनुमति होती थी। इससे पहले शीर्ष अदालत ने अलग-अलग भाषाओं में प्रश्न पत्रों के अलग-अलग सैट तैयार करने के चलन को ‘अताॢकक’ करार दिया था और कहा था कि छात्रों के प्रश्न जब अलग-अलग होंगे तो उनकी दक्षता का मूल्यांकन ‘काफी मुश्किल’ होगा।
पीठ संकल्प चैरीटेबल ट्रस्ट की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई कर रही थी जिसमें सी.बी.एस.ई. को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि मैडीकल अभ्यॢथयों के लिए प्रश्न पत्र का सिर्फ एक सैट हो।

































































