उरी हमले पर बोले रामदेव- बुद्ध के साथ युद्ध पर भी बात‍ करें प्रधानमंत्री मोदी

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जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में आर्मी बेस कैंप पर फिदायीन हमले के बाद देश में गुस्से की लहर दौड़ गई है. वहीं इस मामले को लेकर विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह ने जांच की मांग की है. ‘आज तक’ से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि घटना कैसे हुई? कहां कमी रही? उसकी जांच होनी चाहिए. इसका विश्लेषण होना चाहिए. हमारे पीएम ने आगे की कार्रवाई की बात की है. सरकार जरूर कार्रवाई करेगी.

पाकिस्तान के खिलाफ पूरे देश में गुस्सा
सिंह ने कहा कि कश्मीर के ऐसे हालात में सेना को सतर्क रहने की जरूरत है. हर एक हमले के बाद जांच कमेटी बैठी. अब सेना और रक्षा मंत्रालय को उस पर विचार करना चाहिए. आए दिन पाकिस्तान की तरफ से जो होता है. उसको लेकर पूरे देश में गुस्सा है. हमारे प्रधानमंत्री ने जो बोला है वह कार्रवाई होगी. आतंकियों के खिलाफ बिना किसी उत्तेजना के सोच विचार कर कार्रवाई करनी चाहिए.

रिजिजू ने कहा- पाक के खिलाफ पर्याप्त सबूत
वहीं गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि पाकिस्तान के कहने से कुछ नहीं होता. हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं कि हमले में पाकिस्तान का हाथ है. हमको जो करना है हम सोच समझ कर करेंगे. वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हमले में शहीद हुए जवानों को सलामी दी. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि 17 शहीदों के परिवार वालों का दर्द कोई शब्द कम नहीं कर सकता.

रामदेव बोले- बुद्ध के साथ युद्ध की बात भी करें पीएम
योगगुरु स्वामी रामदेव ने उरी हमले को लेकर कहा कि हमारे देश ने हमेशा अहिंसा को गौरव दिया है. वीरता को भी उतना ही गौरव देना होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुद्ध और युद्ध दोनों की बात साथ-साथ करनी होगी. मात्र बयान देने से काम नहीं होगा कि हम हमलावरों को मुंहतोड़ जवाब देंगे.

रामदेव ने कहा कि अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जो आतंकवादी कैंप चल रहे हैं, उनपर हिंदुस्तानी सेना को घुसकर वार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ रामदेव की बात नहीं, पूरे देश का जज्बा है. रोज-रोज मार नहीं खाना चाहिए. किसी भी वीर देश के लिए यह बहुत ही शर्म की बात है.

वेद मारवाह बोले- हमने नहीं लिया पठानकोट से सबक
सुरक्षा विशेषज्ञ वेद मारवाह ने उरी फिदायीन हमले पर कहा कि जब पाकिस्तानी आतंकवादी खुलेआम हमले की धमकी दे रहे हैं तो इसमें इंटेलिजेंस फेलियर की बात कहां है? ये तो सुरक्षा इंतजाम की नाकामी और लापरवाही है. उन्होंने कहा कि हमने पठानकोट से सबक नहीं लिया. हमें सुरक्षा मजबूत और निगाह चौकस रखनी होगी.

उन्होंने कहा कि हमें सीमा पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस सैनिकों की तैनाती बढ़ानी होगी. सिर्फ कड़े बयान से कुछ नहीं होगा. सीधे युद्ध के मुकाबले अन्य उपाय भी पहले आजमाने होंगे. पीओके में चल रहे आतंकी कैंप्स पहले ध्वस्त होने चाहिए. मुहतोड़ कार्रवाई करना बेहद जरूरी है.

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