करवाचौथ से पहले मोदी का सुहागनों को गिफ्ट

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करवाचौथ से पहले सुहागनों को तोहफा देते हुए सोने की खरीद के नियमों में ढील दे दी है। यानि इस करवाचौथ पतियों का कोई भी बहाना नहीं चेलगा। ज्वेलरी कारोबारियों के लिए आज दिल्ली में चल रही 22वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में साफ किया गया कि 50,000 तक सोना खरीदने पर पैन कार्ड और आधार कार्ड देना जरुरी नहीं है, अब 50,000 तक की खरीददारी पर सरकार को जानकारी नहीं देनी पड़ेगी। साथ ही सरकार ने ज्वैलरी सेक्टर को पीएमएलए (सरकार ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002) के दायरे से बाहर कर दिया है।

60 फीसदी डाउन रही थी गोल्ड मार्केट  
इस बार फेस्टिव सीजन में गोल्ड की डिमांड पिछले साल की तुलना में 60 फीसदी कम थी। गोल्ड ज्वैलरी की बिक्री पर नोटबंदी और जीएसटी का बुरा असर पड़ा था। सरकार के केवाईसी नियमों की वजह से ज्वैलरी स्टोर्स से ग्राहक गायब हो गए थे। सबसे बड़ी बात है कि लोगों के पास पैसे ही नहीं थे।

गोल्ड की डिमांड हो गई थी स्लो  
अक्सर फेस्टिव सीजन में गोल्ड ज्वैलरी की डिमांड में बढ़ोतरी देखने को मिलती थी। नॉर्मल सीजन से डिमांड में दोगुना बढ़ोतरी रहती थी। लेकिन इस साल गोल्ड की डिमांड में कमी देखने को मिल रही है। दिवाली से लेकर होली तक 4 महीने में गोल्ड की खरीदारी रहती है। इसी 4 महीने में 8 महीने का बिजनेस होता है। पिछले 2-3 सालों की तुलना में इस साल मार्केट में गोल्ड की डिमांड स्लो है। गोल्ड का भाव भी पिछले साल के स्तर पर ही है।

डिमांड बढ़ने की उम्मीद  
जैसे-जैसे दिवाली नजदीक आएगी, डिमांड बढ़ेगी। जीएसटी की वजह से शुरू में मार्केट में स्लोडाउन रहा है लेकिन अब जीएसटी का असर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। फुटफाल में सुधार दिख रहा है। फेस्टिव सीजन को देखते हुए उन्होंने कई तरह के नए कलेक्शन भी मार्केट में उतारे है।

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