अमेरिका ने शुक्रवार को कहा कि वह चीन को एशियाई देशों को परेशान करने या उन पर धौंस जमाने की इजाजत नहीं देगा। पूर्वी एशियाई एवं प्रशांत मामलों की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री सुसान थॉर्नटन ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका देश चीन को एशियाई देशों को परेशान करने या उन पर दबंगई करने की अनुमति नहीं देगा। वह चीन के साथ फलदायी संबंध चाहता है और दोनों देशों को मतभेद सुलझाने के लिए काम करना चाहिए।
थॉर्नटन ने कहा, हम इस बात को लेकर भी स्पष्ट रहे हैं कि हम एशिया में अमेरिका को विस्थापित करने और क्षेत्र में देशों पर बलप्रयोग करने की चीन की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, चीन के उदय को सक्षम बनाने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रणाली यदि जारी रहती है तो नियमों एवं मानकों का पालन किया जाना चाहिए। लेकिन क्षेत्र के देशों को परेशान किया या डराया नहीं जाना चाहिए, बल्कि उनके साथ समानता का व्यवहार होना चाहिए।
अमेरिकी अधिकारी ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में प्रशासन भारत-प्रशांत रणनीति के जरिये क्षेत्र में साझेदारियों को बढ़ाने और संबंधों को गहरा करने की दिशा में काम कर रहा है। अमेरिका एक प्रशांत शक्ति है। वह इस क्षेत्र की सफलता के प्रति प्रतिबद्ध रहेगा।
थॉर्नटन ने कहा, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उत्तर कोरिया के खतरे, दबंग चीन का उदय और आतंकवाद एवं अतिवाद का प्रसार समेत अत्यंत वास्तविक सुरक्षा एवं आर्थिक चुनौतियां हैं। लोकतंत्र और मानवाधिकारों का पतन तथा भ्रष्टाचार भी कुछ देशों में स्थिरता एवं विकास की संभावनाओं को कमजोर कर रहे हैं।






























































