जलीकट्टू: सरकार संस्कृति और भावनाओं का करती है सम्मान- रविशंकर

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जलीकट्टू पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु की सरकार के साथ मिलकर रास्ता निकाल रही है. हमें उम्मीद हैं कि जल्दी इस पर कोई समाधान निकल जाएगा.

उन्होंने कहा कि हम तमिल लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और ये भी जानते हैं कि ये मामला उनकी हज़ारों साल पुरानी संस्कृति से जुड़ा हुआ है. इस बात का इल्म पीएम मोदी जी से लेकर हम सभी को है और हम उनकी संस्कृति और भावनाओं का सम्मान करते हैं.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज मैंने, पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे और सालिसिटर के साथ इस पूरे मामले पर बैठक की. जिसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से सोलिसिटर ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस मामले में हम राज्य सरकार से बात करके हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

ये पूरा विवाद यूपीए सरकार के समय से पैदा हुआ था. जलीकट्टू पर बैन लगाने पर उनके मंत्री की राय थी. उसके बाद कोर्ट ने बैन लगाया था. हमारी सरकार ने 2014 और 2015 में इस मामले में कोर्ट में हलफनामा दिया था. उन्होंने कहा कि इसपर हम राजनीति नहीं कर रहे हैं, सरकार अपना काम कर रही है.

गौरतलब है कि तमिलनाडु में जलीकट्टू के समर्थन में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को ऐलान किया कि इस बारे में एक-दो दिन में अध्यादेश लाया जाएगा. इस बीच केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल कर कम से कम एक हफ्ते तक फैसला नहीं देने का अनुरोध किया है. केंद्र ने कहा है कि धार्मिक भावनाओं को लेकर राज्य में प्रदर्शन हो रहे हैं और ऐसे में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट केंद्र की अर्जी पर राजी हो गया है कि एक हफ्ते तक इस मामले में फैसला नहीं दिया जाएगा.

अध्यादेश लाएगी राज्य सरकार तमिलनाडु में जलीकट्टू पर रोक के खिलाफ पिछले तीन दिनों से जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच सीएम पनीरसेल्वम ने एक बड़ा ऐलान किया है. तमिलनाडु के सीएम पनीरसेल्वम ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार इस बारे में जल्द ही अध्यादेश लाएगी. पनीरसेल्वम ने कहा कि इसका ड्राफ्ट गृह मंत्रालय के पाश भेजा गया और एक-दो दिन में इसे जारी कर दिया जाएगा.

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