पश्चिम बंगाल सीआईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए कलकता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सी. एस. कर्णन की ओर से उन्हें सुनाई गई सजा को वापस लेने संबंधी याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने शीघ्र सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कर्णन ने अनुरोध किया था कि उनकी जमानत और सजा को रद्द करने संबंधी याचिका पर शीघ्र सुनवाई की जाए। इस पर प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे एस. खेहर और न्यायमूर्त डी. वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने कहा कि हम फैसले के खिलाफ मौखिक आवेदन स्वीकार नहीं करेंगे। न्यायमूर्ति कर्णन की ओर से पेश हुए वकील मैथ्यू जे. नेदुमपारा ने कहा कि वह कारावास की सजा भुगत रहे हैं और उनके आवेदन पर शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता है।
कोर्ट ने सुनाई थी छह माह कारावास की सजा
कलकता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद से 12 जून को सेवानिवृत्त हुए कर्णन को 20 जून को गिरफ्तार किया था। उच्चतम न्यायालय ने उन्हें अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए उन्हे छह माह कारावास की सजा सुनाई थी। प्रधान न्यायाधीश जे. एस. खेहर की अध्यक्षता वाली 7 न्यायाधीशों की पीठ ने 9 मई को पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को तत्कालीन न्यायाधीश को तुरंत हिरासत में लेने का आदेश दिया था। कई बार प्रयास करने के बावजूद कर्णन को उच्चतम न्यायालय की अवकाश पीठ से कोई राहत नहीं मिली।





























































