माघ महीने की शुक्ल पंचमी को बसंत पंचमी होती है और इसी दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है. नाना प्रकार के मनमोहक फूलों से धरती प्राकृतिक रूप से संवर जाती है. खेतों में सरसों के पीले फूलों की चादर बिछी होती है और कोयल की कूक से दसों दिशाएं गुंजायमान रहती है. बसंत पंचमी को मां सरस्वती का दिन माना जाता है. इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना भी की जाती है. इस बार वसंत पंचमी का पर्व 29-30 जनवरी (Basant panchami) को है.
कब शुरू हुई बसंत पंचमी?
बसंत पंचमी को विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है. पुराणों में वर्णित एक कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने देवी सरस्वती से खुश होकर उन्हें वरदान दिया था कि बसंत पंचमी के दिन तुम्हारी आराधना की जाएगी.
कैसे मिलेगा बुद्धि का वरदान
– इस दिन सरस्वती पूजा का विशेष महत्व है
– इस दिन मां सरस्वती के समक्ष नील सरस्वती स्तोत्र का पाठ करना चाहिए
– इससे मूर्ख से मूर्ख व्यक्ति भी बुद्धिमान हो जाता है
– इस दिन मां सरस्वती की पूजा से ज्ञान का वरदान मिलता है
क्यों खास है वसंत पंचमी?
वर्ष के कुछ विशेष शुभ काल में से एक होने के कारण इसे “अबूझ मुहूर्त” (Basant panchami)भी कहा जाता है.
– इसमे विवाह, निर्माण और अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं
– ऋतुओं के इस संधिकाल में ज्ञान और विज्ञान दोनों का वरदान मिलता है
– संगीत कला और आध्यात्म का आशीर्वाद भी इस काल में लिया जा सकता है
– अगर कुंडली में विद्या बुद्धि का योग नहीं है
– या शिक्षा की बाधा का योग है तो इस दिन विशेष पूजा करके उसे ठीक किया जा सकता है
बसंत पंचमी पर ग्रह मजबूत करने के 10 उपाय
1. कुंडली में अगर बुध कमजोर हो तो बुद्धि कमजोर हो जाती है
2. ऐसी दशा में मां सरस्वती की उपासना करें
3. मां को हरे फल अर्पित करें तो लाभदायक होगा
4. बृहस्पति के कमजोर होने पर विद्या प्राप्त करने में बाधा आती है
5. ऐसे में बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र धारण करें
6. पीले पुष्प और पीले फलों से मां की उपासना करें
7. अगर शुक्र कमजोर हो तो मन की चंचलता भी होती है
8. करियर का चुनाव भी नहीं हो पाता है
9. ऐसी दशा में आज के दिन मां की उपासना करें
10. सफेद फूलों से मां की उपासना करना लाभदायक होता है





























































