जोक्स और शायरी तो सुनो मेरी ग़ज़लों की माँ हो तुम By Editor - March 15, 2018 0 तुम हमेशा पूछती थी ना,कि क्या हो तुम तो सुनो मेरी ग़ज़लों की माँ हो तुम और बता कितना कैसे चाहूं जबकि मेरा सारा जहां हो तुम । बात मानो, खुदी में खुश रहना तुम, आज भी मेरी खुशियों का ज़रिया हो तुम अब खत्म करता हूँ शुरू से मेरे इजहार की हाँ हो तुम।