भारत अगले 2 महीने में देश के सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपण यान जीएसएलवी मार्क थ्री का प्रक्षेपण करने वाला है। यह जानकारी वरिष्ठ अंतरिक्ष वैज्ञानिक और इसरो के पूर्व कार्यक्रम निदेशक प्रोफेसर टी जी के मूर्ति ने 3 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘एडवान्सेज इन साइंस एंड टेक्नोलाजी’ में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इसरो GSLV Mark-III में हाई थ्रस्ट (ज्यादा ताकतवर) क्रायोजेनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने में कामयाब हो रहा है। इसका इस्तेमाल ज्यादा वजनी सैटेलाइट्स को स्पेस में ले जाने के लिए होगा। GSLV Mark-III के लिए क्रायोजेनिक अपर स्टेज (CUS) की टेस्टिंग इसी साल 25 जनवरी और 17 फरवरी को की जा चुकी है।
PM मोदी का वादा होगा पूरा
इसके साथ ही इसरो इसी महीने SAARC सैटेलाइट भी लॉन्च करेगा। यह वेदर सैटलाइट है, जिसका फायदा साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल को-ऑपरेशन (SAARC) की सभी मेंबर कंट्रीज को मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में नेपाल में हुई SAARC समिट में इस सैटेलाइट को लॉन्च करने का वादा किया था। इसके अलावा भारत सूर्य और धरती पर होने वाले मौसम के बदलाव को जानने के लिए भी एक सैटेलाइट लॉन्च करेगा। प्रो. मूर्ति ने बताया कि इस सैटेलाइट का नाम आदित्य-एल 1 होगा। इसका वजन करीब 400 किलोग्राम है। प्रो. मूर्ति के मुताबिक, भारत का स्पेस मिशन में इस्तेमाल हो रही टेक्नोलॉजी और मटेरियल में 90% देश में ही तैयार हो रहा है। चांद पर पहली बार जाने के लिए हमारे पास प्राइवेट रॉकेट होगा। हमारे साइंटिस्ट कैप्सूल री-एंट्री जैसे चैलेंज पर और सैफ्टी कंडीशंस पर भी काम कर रहे हैं।





























































