दो पैथी की दवा लेने में भूलकर भी न करें ये काम

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इमरजेंसी में होम्योपैथी के साथ एलोपैथी दवा लेनी भी पड़े तो एक घंटे का गैप जरूरी है वरना दो पद्धतियों से इलाज के दौरान हमारे मन में कई सवाल आते हैं। जैसे असर होगा कि नहीं, बीमारी जल्द ठीक होगी या नहीं। जानते हैं इस बारे में-

ऐसे में कम होता है असर
कई बार कुछ मरीज दो पद्धति की दवा एक साथ प्रयोग करते हैं। ऐसा करना डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय से जुड़ी समस्याओं व क्रॉनिक रोगों में इमरजेंसी में लेना सही है लेकिन कुछ एक्यूट रोग जैसे जुकाम व खांसी आदि के इलाज में होम्योपैथी के साथ दूसरी पैथी का प्रयोग मना होता है। इमरजेंसी में होम्योपैथी के साथ एलोपैथी दवा लेनी भी पड़े तो एक घंटे का गैप जरूरी है वर्ना एलोपैथी से इस दवा का असर कम हो जाता है। होम्योपैथी के साथ यदि आयुर्वेद, नेचुरोपैथी या यूनानी पद्धति से इलाज लेना भी हो तो विशेषज्ञ दवाओं के मध्य उचित अंतराल रखने की सलाह देते हैं। क्योंकि इन पद्धतियों में दवाओं का आधार एकसमान होता है अंतर सिर्फ बनाने के तरीके का है।

दवाओं में गैप कितना सही:
किडनी की पथरी का मरीज यदि कुछ समय तक होम्योपैथी इलाज लेने के बाद एलोपैथी इलाज लेकर दोबारा होम्योपैथी शुरू करे तो उसका इलाज नए सिरे से होता है। यह पथरी के आकार पर निर्भर करता है। इसलिए लंबे समय तक चलने वाले रोगों में कम से कम गैप रखें ताकि इलाज में कम समय लगे। सोराइसिस रोग में मरीज एक ही पैथी अपनाएं। खांसी, जुकाम, बुखार में गैप रख सकते हैं या एक बार ठीक होने के बाद दवा बंद कर सकते हैं। दूसरी पद्धति के बाद 4-6 माह बाद होम्योपैथी दोबारा शुरू कर सकते हैं।

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