लखनऊ. समाजवादी पार्टी के चुनाव निशान साइकिल को लेकर मुलायम और अखिलेश के दावे पर आज चुनाव आयोग का फैसला आने वाला है। इस बीच अखिलेश ने अपने आवास पर मंत्रियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात और चर्चा की। अखिलेश ने सभी नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव से सम्बन्धित तैयारियों पर गहन विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने मंत्रियों और विधायकों से कहा कि वे टिकट की चिंता नहीं करें बस सपा की जीत के लिए कड़ी मेहनत करिए। कार्यकर्ताओं से अखिलेश ने कहा कि चुनाव निशान के विवाद में मत फंसिए। यह चुनाव आयोग के पास है और इसका समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी उम्मीदवार जनता के पास जाएं और काम करें। मैं अपने दौरे का कार्यक्रम तैयार करके आपके साथ प्रचार में सहयोग करूंगा।
नयी सूची बना रहे हैं अखिलेश
राज्य में सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिये नामांकन की प्रक्रिया 17 जनवरी को शुरू हो जाएगी। सूत्रों के मुताबिक अखिलेश विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों की नयी सूची बना रहे हैं। इसमें आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को बाहर करके योग्य उम्मीदवारों को शामिल किया जा रहा है। इसमें पूर्व मंत्रियों नारद राय, ओम प्रकाश सिंह, शादाब फातिमा और अम्बिका चौधरी के साथ-साथ मंत्री अरविन्द सिंह गोप तथा राम गोविन्द चौधरी को भी शामिल किया जा रहा है।
अखिलेश जारी करेंगे घोषणापत्र
माना जा रहा है कि अखिलेश अपना घोषणापत्र निर्वाचन आयोग में पार्टी चुनाव निशान का मामला तय होने के फौरन बाद जारी करेंगे। यूपी चुनाव जीतकर दोबारा मुख्यमंत्री की गद्दी तक पहुंचने के लिए अखिलेश यादव ने अपना घोषणा पत्र लगभग तैयार कल लिया है। इस घोषणा पत्र में अखिलेश ने गांधी, लोहिया, जेपी और चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार करने का संकल्प लिया है। सीएम के घोषणा पत्र में गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और अल्पसंख्यकों पर खासा जोर दिया गया है। अखिलेश के घोषणा पत्र में तीन प्रक्सप्रेस वे का वाद किया गया है। अखिलेश ने अपने घोषणापत्र में समाजवादी स्मार्ट फोन का भी जिक्र किया है। 2012 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में लैपटाप और टैबलेट वितरित करने की तरह इस बार मुफ्त मोबाइल फोन बांटना अखिलेश यादव के घोषणा पत्र में मास्टर स्ट्रोक होगा।
पार्टी में सबकुछ ठीक
बैठक के बाद अखिलेश ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि पार्टी में सबकुछ ठीक है। अखिलेश के करीबी मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि अखिलेश ने करीब 600 लोगों से मुलाकात की और कहा कि वे क्षेत्र में जाकर चुनाव में जुट जाएं। जहां तक पार्टी में झगड़े का सवाल है तो यह मामला चुनाव आयोग के सामने है, जो तय हो जाएगा। बैठक से बाहर निकले कुछ कार्यकर्ताओं ने बताया कि अखिलेश ने कांग्रेस के साथ गठबंधन के सवाल पर कहा है कि वह इस पार्टी के साथ क्रीम, पाउडर की तरह प्यार से गठबंधन करेंगे। हालांकि वह यह नहीं बता सके कि क्रीम, पाउडर से अखिलेश का क्या मतलब था।
अधिवेशन के बाद बढ़ा था बवाल
आपको बता दें कि 1 जनवरी को राम गोपाल द्वारा बुलाए गए सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था, जबकि मुलायम को पार्टी का संरक्षक बनाया गया था। इसके अलावा एसपी महासचिव अमर सिंह को पार्टी से निष्कासित करने तथा शिवपाल को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने का निर्णय भी लिया गया था। मुलायम ने इस सम्मेलन को असंवैधानिक घोषित करते हुए इसमें लिये गये तमाम फैसलों को अवैध ठहराया था। जिसके बाद सपा का घमासान परवान चढ़ गया था।


































































