विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकृति की रक्षा और उसके संसाधनों के सदुपयोग पर जोर दिया. यहां 200 से भी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम प्रकृति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं.
उन्होंने कहा कि भारत विकास करने में विश्वास रखता है, लेकिन वह पर्यावरण की रक्षा के लिए भी हमेशा प्रतिबद्ध है. पीएम मोदी ने कहा कि प्रकृति का सम्मान करना हमारे संस्कारों का हिस्सा है. हम धरती को मां मानते हैं.
पीएम मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा, ”हमारा मानना है कि सभी संसाधन प्रकृति और ईश्वर के हैं. हम सिर्फ इनके ट्रस्टी और इनका प्रबंधन करने वाले हैं. महात्मा गांधी ने भी इस दर्शन को ही बढ़ाने की बात कही थी.
शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पृथ्वी को सुरक्षित बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि प्रकृति और इंसानों के बीच तारतम्य बनाए रखने के हमारे इतिहास और इससे जुड़ी परंपराओं पर हमें गर्व है.
समिट में प्रधानमंत्री ने किसानों को होने वाली पानी की कमी का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने इसको लेकर चिंता जताते हुए कहा कि वह सभी किसानों को पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि हम देश के हर घर को रोशन करने के लिए काम कर रहे हैं. जिस तेजी से शहरीकरण बढ़ रहा है, उसी तेजी से परिवहन को बढ़ाने की भी जरूरत है. यही वजह है कि हम मेट्रो सिस्टम को भी बढ़ा रहे हैं.





























































