बर्फ का ठंडा पानी पीने से कम हो सकती है दिल की धड़कन

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गर्मी के मौसम का सबसे ज्यादा प्रभाव शरीर पर पड़ता है और हम इसे ठंडा रखने के लिए कई उपाय भी करते हैं. ठंडा पानी पीना सबसे सरल उपाय होता है लेकिन क्या आप जानते हैं आपकी यह आदत आपके दिल को नुकसान पहुंचा सकती है. कई बार आपने सुना भी होगा कि चिलचिलाती धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए.

 बर्फ वाला ठंडा पानी पीने से परहेज क्यों करना चाहिए…

पाचन प्रक्रिया पर पड़ता है प्रभाव
ठंडा पानी आपके भोजन की पाचन प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करता है क्योंकि इससे रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं. इससे पाचन की प्रक्रिया धीमी पड़ने से खाना ठीक से नहीं पचता और हमें इसके पोषक तत्व भी नहीं मिल पाते.

हृदय की गति को करता है प्रभावित
बर्फ का पानी या तेज ठंडा पानी पीने से आपके हृदय की गति कम हो जाती है. अध्ययनों से पता चला है कि ठंडा पानी वेगस तंत्रिका को उत्तेजित करता है. वेगस तंत्रिका 10वीं कपाल तंत्रिका है और यह शरीर के स्वायत्त तंत्रिका प्रणाली (Autonomic Nervous Ssystem) का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो शरीर के अनैच्छिक कार्यों को नियंत्रित करती है. वेगस तंत्रिका हृदय की गति को कम करने में मध्यस्थता करती है और ठंडा पानी इस तंत्रिका को उत्तेजित करता है जिसके कारण हृदय की गति कम हो जाती है.

शरीर की ऊर्जा को करता है प्रभावित
शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है और जब आप कोई ठंडी चीज पीते हैं तो उस वस्तु के तापमान को नियमित करने के लिए आपके शरीर को कुछ ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है. इस ऊर्जा का उपयोग भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए होता है. यही कारण है कि ठंडा पानी पीने से आपके शरीर को पोषक तत्व नहीं मिल पाते.

गले के इंफेक्शन का खतरा
ठंडा पानी पीने से सबसे ज्यादा प्रभावित हमारा गला होता है और इसीलिए गर्मियों में अक्सर गला खराब होने की समस्या रहती है.

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