माँ बाप की दुआ से बड़े हो गये हम

0

उंगली पकड़ के जिसकी खड़े हो गये हम,

माँ बाप की दुआ से बड़े हो गये हम,

हम आँधियों से जूझ के हँसते ही रहे हैं,

फौलाद से भी ज्यादा कड़े हो गये हम।

Previous articleबहुत सारी समस्याओं और संघर्षों के बाद ‘पद्मावत’ रिलीज हुई है, कृपया इसे शांति से चलने दीजिए-रोहित शेट्टी
Next articleशौर्य स्मारक का निर्माण सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का फल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here