बुरहानपुर – (ईपत्रकार.कॉम) |गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम का आयोजन बस स्टैण्ड पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती चिटनीस ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों को घर के शौचालय के समान स्वच्छ बनाना हैं। सफाई की दिशा में समाज में परिवर्तन आया हैं। बुरहानपुर में कितने शौचालयों की आवश्यकता हैं ? यह पता करके उस दिशा में आगे बढे़। आज औरत चार दीवारी से बाहर निकली हैं और उसके सम्मान एवं सुरक्षा की जवाबदारी हमें ही सुनिश्चित करनी होगी। नगर निगम पहले सर्विस दे, फिर शुल्क की अपेक्षा रखें। स्वच्छता ही हमारा धर्म हैं, जनवरी 2018 तक बुरहानपुर को पूरे भारत में नंबर 1 पर लाना हैं। इसके लिये सभी को मिलकर स्वच्छता की दिशा में कार्य करना होगा और हम प्रतिवर्ष दीपावली के पूर्व घरों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई करते हैं। इसी तरह बुरहानपुर शहर को भी दीपावली तक पूर्णतः स्वच्छ बनाने के लिये आगे आकर सहयोग करें।
मेरी सच्ची सहेली, कपडे की एक थैली
मंत्री श्रीमती चिटनीस कहा कि, पॉलीथीन का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाना हैं। इसके लिये शहर के बाजार, दुकानों, ठेलों आदि पर कपडे़ की थैलियां उपलब्ध करवाना होगी। उन्होंने शहरवासियों से आव्हान करते हुए कहा कि, सामान खरीदी के लिये जब भी बाजार के लिये निकले तो आप सभी अपने साथ कपडे़ की थैली अवश्य लेकर निकले। शौचालय का मैला नाली में ना जायें, अन्यथा इससे महामारी फैल सकती हैं। आज सदगुरू परिवार के तीन हजार व्यक्ति निःस्वार्थ भाव से बुरहानपुर शहर की सफाई करने निकले हैं। उनसे हर व्यक्ति को प्रेरणा लेना चाहिए। मंत्री ने कमिश्नर श्री पवन कुमार सिंह को निर्देशित किया कि, वे मोहल्लों या वार्डो में जाकर निरीक्षण करे कि वहां साफ-सफाई का स्तर कैसा हैं ? और वहां के निवासी शौचालयों का इस्तेमाल कर रहे है या नहीं ? महापौर श्री अनिल भोंसले ने कहा कि स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान जिन व्यक्तियों ने अच्छा कार्य किया हैं, उन्हें सम्मानित किया जायेंगा, क्योंकि सम्मान से कार्य करने की ऊर्जा मिलती हैं। जनता के सहयोग के बिना हम अधूरे हैं।
लालबाग मिल चॉल में साफ-सफाई व्यवस्थाओं का जायजा लिया
मंत्री श्रीमती चिटनीस ने गांधी अवसर पर लालबाग मिलचाल में सार्वजनिक शौचालय का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक शौचालय को संचालन वहां के निवासी द्वारा किया जायें और इसके लिये कुछ शुल्क भी लिया जायें। सार्वजनिक शौचालयों के नल न तोडे़ और नही वहां पर गंदगी फैलायें। संबंधित अधिकारियों को एक समिति बना करके इसे लागू करने का निर्देश दिया। साथ ही बिजली की व्यवस्था के भी निर्देश दिये।





























































