आजकल यूरिन इंफैक्शन होना आम बात है। यूरिन इंफैक्शन में यूरिन करने दौरान दर्द, बार-बार पेशाब लगना, जलन, बुखार, मतली और लोअर बैक में दर्द शामिल होता है। यह ऐसी समस्या है, जो परेशान कर रख देती है। अगर इसको लेकर लापरवाही बरती जाएं तो यह गंभीर परेशानी का रूप लें सकता है।
- अगर आप घंटों तक पेशाब को रोके रहते हैं तो ऐसा ना करें। दबाव बनने के बाद अगर 3 से 4 मिनट भी पेशाब रोका जाए तो टॉक्सिन तत्व किडनी में वापस चले जाते हैं,जिसे रिटेंशन ऑफ यूरिन कहते हैं। इस स्थिति के बार-बार होने से पथरी की शुरूआत हो जाती है।
- इंटरकोर्स के बाद मूत्र त्याग जरूर करें क्योंकि इससे बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं और इंफैक्शन का खतरा कम हो जाता हैं। खासकर डाक्टर महिलाओं को ऐसा अवश्य करने की सलाह देते हैं।
- मूत्र त्याग करने के बाद योनि को अच्छे से साफ करें और नमी ना छोड़ें ताकि बैक्टीरिया मूत्र मार्ग के जरिए इंफैक्शन ना फैला सकें।
- माहवारी के दिनों में प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। इस्तेमाल किए जाने वाले सैनिटरी नैपकिन को हर 6 घंटे में बदलें।































































