जोक्स और शायरी ये शाम बहुत तनहा है मिलने की भी तलब है By Editor - March 27, 2018 0 ये शाम बहुत तनहा है मिलने की भी तलब है, पर दिल की सदाओं में वो ताकत ही कहाँ है, कोशिश भी बहुत की और भरोसा भी बहुत था, मिल जायें बिछड़ कर वो किस्मत की कहाँ है।