रसोई में किए गए ये काम जीवन में लाते हैं कंगाली

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प्राचीनकाल में महिलाएं रसोई के सभी काम स्वयं करती थीं लेकिन आज के मार्डन युग में नौकरानी पर निर्भर रहती हैं। जो सही नहीं है, महिलाएं घर की गृहलक्ष्मी होती हैं। वो रसोई में खाना बनाते समय उसमें प्यार और अपनापन मिलाती हैं, जिससे परिवार के सदस्य पुष्ट होते हैं। अपनी सहायता के लिए आप नौकर तो रखें लेकिन अपनी पैनी नजर उन पर टिकाए रखें। उन पर अपना घर-परिवार सौंप कर निश्चिंत न हो जाएं। रसोई घर का ऐसा भाग है, जहां अन्नपूर्णा और महालक्ष्मी दोनों वास करती हैं। गृहस्थी का संचालन करने के लिए जितना भी अन्न और धन आता है, वह इन्हीं की कृपा से आता है। अत: रसोई को हमेशा पवित्र और स्वच्छ रखना चाहिए। खाना बनाने और खाने के बाद कुछ बातों का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए। गलत आदतें जीवन में कंगाली लाती हैं और अनचाही परेशानियों से व्यक्ति घिरा रहता है।

वास्तु शास्त्री कहते हैं कि किचन और वॉश रूम हमेशा साफ होने चाहिए क्योंकि यहीं से सारे घर में पॉजिटिव या नैगेटिव ऊर्जा प्रवाहित होती है। रात को रसोई साफ करने के बाद, एक बाल्टी पानी की भरकर रख दें। घर में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए वॉश रूम में नीले रंग की बाल्टी, टब और मग का इस्तेमाल करें। रात को सोने से पूर्व बाल्टी और टब को पानी से भरकर रखें।

रात्रि भोजन के बाद जूठे बर्तन साफ करके, रसोई को पूर्णता साफ और स्वच्छ करें। यदि बर्तन धोने का समय नहीं है तो केवल पानी से ही धोकर रख दें।

सूर्यास्त के वक्त या उसके बाद किसी को भी दूध, दही और प्याज न दें।

बिस्तर पर बैठकर खाना न खाएं, कर्ज होने की संभावना प्रबल होती है।

नल को खुला छोड़ देना अथवा पानी का दुरुपयोग घर में धन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा करता है।

झाड़ू और पोंछे को खुले में नहीं रखना चाहिए क्योंकि ये घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर देते हैं। झाड़ू को कभी भी रसोई घर में न रखें क्योंकि ये आय और अन्न दोनों का सफाया करके व्यक्ति को गरीब बनाता है।

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