भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर ऊर्जित पटेल ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा देकर सबको चकित कर दिया। आरबीआई के 24वें गवर्नर ने अपना कार्यकाल पूरा होने के 9 महीने पहले ही इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल अगले साल 4 सितंबर को खत्म होना था। इस संबंध में आज वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि सरकार ने उर्जित पटेल से उनका इस्तीफा नहीं मांगा था । उनके इस्तीफे देने का कारण निजी था।
उर्जित पटेल के इस्तीफे पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताते हुए कहा था कि ‘डॉ. ऊर्जित पटेल बेहद सम्मानित अर्थशास्त्री हैं और अर्थव्यवस्था को लेकर उनका नजरिया बेहद व्यापक है। उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था को अराजकता की हालत से निकालकर व्यवस्थित किया। वह अपने पीछे महान विरासत छोड़ गए हैं। वह हमें बेहद याद आएंगे।’
गौरतलब है कि आरबीआइ की स्वायत्ता और उसके रिजर्व को सरकार को ट्रांसफर किए जाने समेत अन्य अहम मुद्दों पर सरकार के साथ टकराव चल रहा था। पटेल हाल ही में वित्तीय मामलों पर गठित संसदीय समिति के समक्ष भी पेश हुए थे, जहां उन्होंने नोटबंदी के फैसले पर सावधानी पूर्वक जवाब दिया था।






























































