छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार को नक्सलियों के घात लगाकर किए गए हमले में 25 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। इसमें 8 जवान घायल भी हुए हैं, जिसमें 4 की हालत गंभीर बनी हुई है। नक्सली जवानों के हथियार भी लूट कर ले गए हैं।
बस्तर के डीआईजी सुंदरराज पी ने बताया कि सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुर्कापाल में सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन का बेस कैंप है। बेस कैंप के पास चिंतलनार और दोरनापाल स्टेट हाईवे बन रहा है। इसकी सुरक्षा के लिए सुबह बटालियन की दो कंपनी रवाना हुई थी। दोपहर 12 बजे के बाद जब जवान खाना खाने के लिए बैठे तो नक्सलियों ने अचानक हमला कर दिया। इसका जवानों ने भी मुंहतोड़ जवान दिया। दोनों ओर से करीब 3 घंटे तक मुठभेड़ चली। घायल जवानों को हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया गया। यहां दो निजी अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।
सात जवान लापता
सूत्रों के अनुसार, अभी भी 7 सीआरपीएफ जवान लापता हैं, इनमें से एक कंपनी कमांडर भी है। इन जवानों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
तीन ओर से हमला
जवानों पर करीब 300 नक्सलियों ने हमला बोला। जवानों को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने तीन तरफ से गोलीबारी की।
महिला नक्सली ज्यादा आक्रामक
हमले में नक्सलियों की महिला विंग की टुकड़ी भी शामिल थी। एके-47 से लैस महिला नक्सली ज्यादा आक्रामक होकर न केवल जवानों को गालियां बक रही थीं बल्कि ताबड़तोड़ गोलियां भी चला रही थीं।
डेढ़ महीने में दूसरा बड़ा हमला
पिछले डेढ़ महीने में रोड ओपनिंग पार्टी पर नक्सलियों का ये दूसरा बड़ा हमला है। इसी साल 11 मार्च को सुकमा के भेज्जी में नक्सलियों के घात लगाकर किए गए हमले में 12 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। उस वक्त भी जवान सड़क बना रही कंपनी को सुरक्षा देने के लिए निकली थी।
मुख्यमंत्री रमन ने आपात बैठक बुलाई
सुकमा में नक्सली हमले की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री रमन सिंह दिल्ली दौरा बीच में छोड़कर रायपुर पहुंचे। उन्होंने हालात की समीक्षा के लिए आपात बैठक भी बुलाई। रमन सिंह नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने दिल्ली आए थे।
10 किलो आरडीएक्स मिला था
सोमवार को ही राज्य के दंतेवाड़ा जिले में बम निरोधक दस्ते ने नक्सलियों द्वारा लगाए गए 10 किलो आरडीएक्स को निष्क्रिय किया था। नहीं तो यहां भी बड़ा हादसा हो सकता था।
पांच साल में 5960 नक्सली वारदातें
गृह मंत्रालय के अनुसार, देश में पिछले पांच साल के दौरान नक्सली हिंसा की 5960 वारदातें घटी हैं। इनमें 1221 नागरिक, 455 सुरक्षाकर्मी और 581 नक्सली मारे गए।
छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ जवानों पर हमला कायरतापूर्ण और निंदनीय है। हम स्थिति की करीबी निगरानी कर रहे हैं। हम अपने सीआरपीएफ जवानों की बहादुरी पर गौरवान्वित हैं। शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके परिवारों के प्रति संवेदनाएं। – नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री





























































