सुबह उठने के बाद से ही हम अपने कार्यों में व्यस्त हो जाते है या फिर चाय पीते वक्त से ही हम किसी न किसी समस्या पर चर्चा करना प्रारंभ कर देते है, यह ठीक नहीं होता है। यदि सुबह सबेरे भजन कीर्तन सुने जायें तो न केवल आत्मिक मिलती है वहीं घर का वातावरण भी अनुकूल बन जाता है तथा दिन अच्छा व्यतीत होता है।
घर में रेडियो या म्यूजिक सिस्टम तो होते है ही, इसलिये सुबह उठने के तुरंत बाद से ही सुमुधर भजन या कीर्तन की रिकाॅर्डिंग लगाकर वातावरण को आनंदमय बनाया जा सकता है। इसके अलावा गायत्री मंत्र, हनुमान चालीसा, सुंदर कांड, महामृत्युंजय मंत्र या फिर अपने धर्म के हिसाब से भी मंत्र इत्यादि सुने जा सकते है। कम से कम एकाध घंटा घर में वातावरण ऐसा होना चाहिये कि मन को ष्षांति मिले वहीं किसी समस्या को लेकर भी सुबह से विवाद की स्थिति न बन सके।
वैसे भी हमारे संत महात्मा यही कहते है कि सुबह उठने के बाद ईष्वर का नाम लेना चाहिये, इसलिये यह उपाय बिल्कुल आसान है। भजन कीर्तन या मंत्र इत्यादि सुनते समय ध्यान नहीं भटकता है तथा घर का वातावरण आनंदमय हो जाता है।





























































