कोरोना संकट और लॉकडाउन से खराब हुई अर्थव्यवस्था पर चर्चा करने के लिए विपक्ष के नेताओं की एक बड़ी बैठक शुक्रवार को होने जा रही है. इस बैठक को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि कुछ केंद्रीय नेता चाहते थे कि कोरोना संकट को लेकर विपक्षी दलों की बैठक हो जिसमें इससे जुड़े मसलों पर चर्चा की जाए.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों की कोरोना संकट पर हो रही बैठक के बारे में कहा, ‘शरद पवार ने कहा कि सोनिया जी (सोनिया गांधी), सीताराम येचुरी और कुछ अन्य केंद्रीय तथा विपक्षी नेता कोरोना संकट पर बैठक करना चाहते हैं और इससे जुड़े मसले पर चर्चा करना चाहते हैं.’
उन्होंने इस बैठक को लेकर उठे सवाल पर कहा कि हम जिस तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं उस दौर में कैसे बेहतर कर सकते हैं, इसी पर चर्चा करनी है और कुछ नहीं. विपक्षी दलों की यह बैठक शुक्रवार को 3 बजे होने वाली है.
माना जा रहा है कि इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, एनसीपी नेता शरद पवार, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और डीएमके नेता एमके स्टालिन समेत 15 राजनीतिक दलों के नेता हिस्सा ले सकते हैं.
हालांकि, अभी साफ नहीं है कि विपक्षी दलों की इस बैठक में कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिनिधि हिस्सा लेगा या नहीं. ऐसा माना जा रहा है कि बैठक में कोरोना और लॉकडाउन को लेकर मोदी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में चर्चा होगी और सरकार की ओर से राज्य सरकारों के साथ किए जा रहे बर्ताव पर चर्चा की जाएगी.
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा था कि ऐसे वक्त में केंद्र को राजनीति नहीं करनी चाहिए. कोरोना के खिलाफ लड़ाई में राज्य अच्छा काम कर रहा है. केंद्र को समझना चाहिए कि बंगाल से अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है. इससे पहले 26 अप्रैल को सीएम उद्धव ठाकरे ने केंद्र पर निशाना साधा था.


































































