इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने स्थायी खाता संख्या (पैन) और आधार में नामों में गलतियों और अन्य ब्योरे को ठीक करने के लिए एक ऑनलाइन प्रणाली शुरू की है। विभाग ने अपनी ई-फाइलिंग वेबसाइट पर बायोमेट्रिक पहचान आधार और पैन को जोड़ने की सुविधा के साथ दो अलग हाइपरलिंक भी दिए हैं।
इनमें एक मौजूदा पैन डेटा में बदलाव के लिए और भारतीय या विदेशी नागरिक द्वारा नए पैन के लिए आवेदन से संबंधित है। दूसरा हाइपरलिंक उन लोगों के लिए जो अपने आधार ब्योरे को अपडेट करना चाहते हैं। इसके लिए वे अपनी विशिष्ट पहचान संख्या का इस्तेमाल कर ‘आधार सेल्फ सर्विस अपडेट पोर्टल’ पर लॉग कर सकते हैं। इसके बाद लोग स्कैन किए गए दस्तावेजों को डेटा अपडेट आग्रह के प्रमाण के रूप में अपलोड कर सकते हैं।
करीब 1.22 करोड़ लोगों ने आधार को पहले ही पैन से जोड़ लिया है। हालांकि, यह आंकड़ा इस लिहाज से काफी कम है कि देश में 25 करोड़ पैन कार्डधारक हैं। वहीं, 111 करोड़ लोगों को आधार नंबर जारी किया जा चुका है। टैक्स डिपार्टमेंट के आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ छह करोड़ लोग इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त विधेयक 2017-18 में संशोधन के जरिए इनकम टैक्स रिटर्न्स फाइल करने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया था। इसके लिए पैन और आधार के साथ जोड़ने की व्यवस्था का प्रावधान किया गया ताकि कई पैन कार्ड्स को जरिए टैक्स चोरी के चलन पर रोक लगाई जा सके। पिछले सप्ताह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने करदाताओं को पैन और आधार को जोड़ने की सुविधा शुरू की थी। अब डिपार्टमेंट ने पैन या आधार कार्ड की गड़बड़ियों को सुधारने की सुविधा शुरू कर दी।






























































