कश्मीर में पत्थरबाजी में कमी के पीछे NIA एक बड़ी वजह है-राजनाथ सिंह

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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नक्सलवाद, आतंकवाद और उग्रवाद पर विजय प्राप्त करने की दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और टेरर फंडिंग के स्रोत को समाप्त कर आतंकवाद को खत्म किया जा सकता है.कश्मीर में आतं​कवादियों की बढ़ती हिमाकत को कमजोर करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) एक बड़ी योजना पर काम कर रही है .

राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के कार्यालय और आवसीय परिसर के उद्घाटन कार्यक्रम में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कश्मीर में होने वाली पत्थरबाजी में पिछले 2 वर्षों से काफी कमी आई है. उन्होंने कहा कि एनआईए का कोई अपना ऑफिस नहीं था और इसलिए लखनऊ में भारत का पहला आवासीय ऑफिस खोलने का फैसला किया गया. इससे पहले कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से अनुरोध किया कि एनआईए और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जांच एवं खुफिया एजेंसियों के बीच प्रति छह माह में एक उच्च स्तरीय बैठक हो ताकि प्रभावी ढंग से आपसी तालमेल के साथ काम हो सके. योगी ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए अपनी जांच एजेंसियों को अत्याधुनिक और ताकतवर बनाना होगा.

इस समय 165 मामलों की जांच एनआईए कर रही है. कार्यालय और आवास के निर्माण में एनआईए की फंशनिंग और बेहतर होने की उम्मीद की जा रही है. राजनाथ सिंह ने कहा कि आज जिस रेजिडेंशियल काम्प्लेक्स का शिलान्यास दिसंबर 2015 में मैंने किया था, तय समय के अंदर काम पूरा हुआ. एनआईए का नाम सुनते ही आतंक फैलाने वालों में दहशत हो जाती है.

वहीं कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि एनआईए का गठन 2009 में आतंकी घटनाओं पर कार्रवाई के लिए हुआ था. आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए एनआईए काम कर रही है. जाली नोटों से भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाते थे.उत्तर प्रदेश में एटीएस को मजबूत करने के लिए हमने प्रयास शुरू किया है. हमारी कोशिश है कि राज्य की एजेंसियों और एनआईए में सामंजस्य हो. आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए हमें और हाईटेक होना होगा. सीएम ने आश्वस्त किया कि भारत सरकार को यूपी सरकार पूरा सहयोग देगी.

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