सागर -(ईपत्रकार.कॉम) |कमिश्नर डॉ. मनोहर अगनानी ने कहा है कि जिन अधिकारी-कर्मचारियों के नाम पर शासकीय आवास आवंटित हैं, वे यदि अपना मकान दूसरे व्यक्ति को किराये पर देते हैं तो ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों पर अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि कुछ कर्मचारियों ने अपने शासकीय आवास किराये पर दे रखे हैं, ऐसे कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाकर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बैठक में उपस्थित पुलिस अधीक्षक को किराये पर शासकीय आवास देने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर डॉ. अगनानी ने आज शासकीय आवास आवंटन संबंधी बैठक में उक्त निर्देश दिए। कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में आईजी श्री सतीष सक्सेना, पुलिस अधीक्षक श्री सत्येन्द्र शुक्ला, आयुक्त नगर निगम श्री अनुराग वर्मा, अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण विभाग, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती प्रभा श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के संभागीय एवं जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
कमिश्नर डॉ. अगनानी ने कहा कि यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी को शासकीय आवास आवंटित है और उसका स्वयं का मकान सागर शहर की सीमा के अंदर है तो उससे शासन के नियमानुसार किराये की राशि दोगुनी वसूल की जायेगी। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को इस आशय का प्रमाण पत्र भिजवाने के निर्देश दिए कि शासकीय आवास आवंटित वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के अचल सम्पत्ति पत्रक से मिलान कर लिया गया है कि उसके अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम से सागर शहर की सीमा के अंदर कोई मकान है अथवा नहीं। यदि है तो शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 37(2) ख के अनुसार शासकीय आवास गृह के लाइसेंस शुल्क की कटौती मूलभूत नियम 45 बी के अधीन निर्धारित दर से दोगुनी वेतन से कराई जा रही है। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों से बारी-बारी से शासकीय आवास आवंटन की जानकारी ली। साथ ही अनधिकृत रूप से निवास कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों पर वैद्यानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।






























































