भोज विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र को मिली अनेक पाठ्यक्रमों की स्वीकृति

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बड़वानी  – ईपत्रकार.कॉम |पहली बार एम.एस.सी. एवं एम.बी.ए. जैसे पाठ्यक्रम बड़वानी मुख्यालय स्थित भोज विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र में इसी सत्र से प्रारंभ होंगे। क्षेत्रीय निदेशक बड़वानी डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी के द्वारा प्रेषित प्रस्ताव पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रवीन्द्र कान्हेंरे के अनुमोदन पश्चात कुलसचिव द्वारा इस आशय का पत्र जारी किया गया है। पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने को लेकर पी.जी. कालेज के प्राचार्य डॉ. एन.एल.गुप्ता द्वारा सहमति एवं जनभागीदारी के अध्यक्ष श्री राजेश पंडित ने स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों को भी संचालित करने का आग्रह प्रस्ताव विश्वविद्यालय को प्रेषित किया था इसी के तहत पाठ्यक्रमों की स्वीकृति मिल पाई है।

सुदूर ग्रामीण, आदिवासी एवं पिछड़े इलाके के विद्यार्थिर्यों एवं सामान्य जनसमुदाय को अब अपने रोजगार एवं खेती किसानी के साथ-साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कोई परेशानी नही होगी। उच्च शिक्षा के सपने संजोये बैठे आदिवासी अंचल निमाड़ के बेटे एवं बेटियों के सपने होंगे पूरे। कामकाजी व्यक्तियों को समयाभाव एवं आर्थिक परेशानियों के कारण अपने मन में उच्च शिक्षा ग्रहण करने की महत्वाकांक्षा पूरी नही हो पाती थी, उनकी इस इच्छा को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय, भोपाल ने अपने उपक्षेत्रीय केन्द्र बड़वानी में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं कम्प्यूटर के व्यावसायिक तथा रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को वर्तमान सत्र से प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। प्रदेश में उच्च शिक्षा आमजनों को आसानी से प्राप्त हो सके एवं उन्हें अपने रोजमर्रा के कामकाज के साथ साथ उच्च अध्ययन की सुविधा आसानी से प्राप्त हो सके इसके तहत मध्यप्रदेश शासन ने शहीद भीमा नायक शा.स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में भोज विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना की थी। अभी तक इस विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इंदौर क्षेत्रीय केन्द्र अंतर्गत प्रवेश लेना होता था एवं अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु इंदौर जाना पड़ता था उन्हें अब यह सुविधा बड़वानी में ही प्राप्त होगी जिससे शिक्षा विद्यार्थी के द्वार की परिकल्पना पूर्ण हो सकेगी। उक्त जानकारी क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सोलंकी ने देते हुए बताया कि-इन पाठ्यक्रमों की मिली स्वीकृति।

स्नातक संकाय -बी.ए., बी.कॉम, बी.एस.सी. (बायो साइंस, गणित, भौतिकी), बी.सी.ए., बी.एस.सी. (आई.टी.) एवं बी.बी.ए. स्नातकोत्तर संकाय-एम.ए. (इतिहास, राजनीति, समाजशास्त्र, भूगोल, अंग्रेजी साहित्य, हिन्दी साहित्य एवं अर्थशास्त्र) तथा एम.कॉम (एकाउन्ट, मैनेजमेंट)
-एम.एस.सी. (रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र, जन्तु विज्ञान एवं गणित तथा भौतिकी) विशेष रूप से एम.बी.ए. के पाठ्यक्रम की स्वीकृति प्रदान की गई है

कम्प्यूटर संकाय – एम.सी.ए., पी.जी.डी.सी.ए. एवं डी.सी.ए. का पाठ्यक्रम भी संचालित होगा।
उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए इच्छुक विद्यार्थियों को एम.पी.आनलाइन के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करने होंगे। दूरस्थ शिक्षा के अंतर्गत संचालित इन पाठ्यक्रमों की पाठ्यसामग्री एवं कक्षाओं का संचालन पृथक से निर्धारित अवधि के लिए किया जावेगा। डॉ. सोलंकी ने बताया कि शीघ्र ही बडवानी, क्षेत्रीय केन्द्र में डी.एल.एड. एवं बी.एड. जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किये जावेंगे जिसका प्रस्ताव विश्वविद्यालय के पास विचाराधीन है जल्द ही विश्वविद्यालय द्वारा गठित समिति द्वारा निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर स्वीकृति प्राप्त होंगी।

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