डेनमार्क की दूसरे नंबर की खिलाड़ी कैरोलिन वोज्नियाकी ने रविवार को चाइना ओपन फाइनल में लातिविया की अनास्तासिया सेवास्तोवा पर जीत दर्ज कर 30वां डब्ल्यूटीए एकल खिताब अपनी झोली में डाला।
वोज्नियाकी ने कहा कि 30वीं डब्ल्यूटीए ट्राफी जीतकर उन्होंने अपने बचपन का सपना पूरा किया। अठाईस वर्षीय की इस खिलाड़ी ने साल के शुरू में आस्ट्रेलिया ओपन ट्राफी जीतकर अपना पहला ग्रैंडस्लैम हासिल किया था।
उसने यहां शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए एक भी सेट नहीं गंवाया और गैर वरीय सेवास्तोवा को आसानी से 6-3 6-3 से पराजित कर दूसरा चाइना ओपन खिताब हासिल किया। उन्होंने 2010 में भी यहां जीत दर्ज की थी।






























































