शहडोल – (ईपत्रकार.कॉम) |कलेक्ट्रेट सभागार में जिले से स्थानांतरित कलेक्टर श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव का विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री ललित दाहिमा, अपर कलेक्टर श्री अशोक ओहरी, उपायुक्त राजस्व श्री दिलीप पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर श्री सुरेश अग्रवाल, अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर श्री रमेश सिंह, अनुविभागीय अधिकारी जैतपुर श्री जी.सी. डेहरिया, अनुविभागीय अधिकारी जयसिंहनगर श्री सतीश राय, खनिज अधिकारी सुश्री फरहत जहां, जिला समन्वयक सर्व शिक्षा डॉ. मदन त्रिपाठी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी धनपुरी श्री रविकरण त्रिपाठी सहित समस्त विभागों के अधिकारी एवं काफी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में स्थानांतरित कलेक्टर श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि शहडोल जिले के लोगों ने मुझे कार्यकाल के दौरान अपार स्नेह, प्यार एवं सहयोग दिया, जो कि हमेशा मेरे स्मृति पटल पर अंकित रहेगा। उन्होनें कहा कि शहडोल जिले में प्रतिभावान लोग रहते हैं, इस जिले की टीम ने मेरे कार्यकाल में कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया, जिसके लिये वे प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होनें कहा कि आदिवासी अंचल के गरीब तबके के लोगों के लिये सभी शासकीय अमले को समर्पण भाव से मिलकर कार्य करना चाहिये, जिससे उनमें भी समभाव की अनुभूति हो। उन्होनें अपने कार्यकाल में जिले में किये गये नवाचार एवं विभिन्न कार्यों का उल्लेख करते हुये कहा कि निर्वाचन में दिव्यांगजनों एवं महिलाकर्मियों ने महती भूमिका का निर्वहन किया है। इस जिले में कार्य करने का काफी अवसर है तथा शहडोल जिला आपसी सौहार्द, समरसता एवं भाईचारा से परिपूर्ण है। शासकीय कार्य में सभी की संयुक्त जिम्मेदारी होनी चाहिये, तभी कार्य को सही दिशा मिलती है। उन्होनें जिले के आम नागरिकों, मीडिया एवं शासकीय अमले को सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कलेक्टर श्री ललित दाहिमा ने कहा कि हम अपनी कार्यकाल में प्रयास करेगें कि सब मिलकर जिले को ऊंचाईयों तक ले जायें और यह तभी संभव होगा, जब हम समर्पण एवं दृढ़ इच्छा शक्ति से अपने दायित्वों का निर्वहन मिलकर करेगें। उन्होनें कहा कि कलेक्टर तो जिले का मुखिया होता है लेकिन सभी शासकीय अमला उसका परिवार स्वरूप होता है, इसलिये उनका भी दायित्व है कि वें अपने दायित्वों का निर्वहन दृढ़ इच्छा शक्ति, समर्पण एवं कर्तव्य निष्ठा से करें।
कार्यक्रम के दौरान स्टेनो श्री दुर्गा शंकर श्रीवास्तव, श्री राकेश शुक्ला, श्री अशोक उपाध्याय, श्री प्रयास कुमार प्रकाश, श्री रविकरण त्रिपाठी, डॉ. मदन त्रिपाठी, श्री राजेश जोशी, श्री सुरेश अग्रवाल, श्रीमती मीरा कोल ने भी अपने-अपने उद्गार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन श्री विवेक पाण्डेय ने किया।






























































