केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने देश के व्यापारी वर्ग को एक ईमानदार एवं पारदर्शी कर व्यवस्था से जुडऩे का अवसर दिया है। गोयल आज मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की मौजूदगी में जीएसटी को लेकर प्रदेशभर से आए उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले करीब एक साल से लगभग 125 करोड़ की आबादी वाले इस देश के आम कारोबारी ने जिस भावना के साथ जीएसटी प्रणाली को अपनाया है वह अभूतपूर्व है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी की कामयाबी में देश के हर उस छोटे से छोटे व्यापारी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है जिसने पहली बार कर अदायगी को कर्तव्य समझा और राष्ट्रहित में इसे स्वीकार किया। उन्होंने श्रीमती राजे द्वारा जीएसटी से जुड़ी व्यापारियों की आशंकाओं और समस्याओं को उच्च स्तर पर उठाए जाने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने व्यापारियों की जायज समस्याओं के आधार पर समय-समय पर इसमें सुधार भी किए हैं। कर प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ ही एक-चौथाई से अधिक वस्तुओं की कर दरों में कमी की गई है।
इस मौके उन्होंने विभिन्न व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के जीएसटी के संबंध में सुझाव भी लिए और कहा कि सुझावों पर विचार किया जाएगा तथा परीक्षण के बाद आवश्यक बदलाव के लिए काउंसिल के समक्ष रखा जाएगा। इससे पहले राज्य के उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने कहा कि राज्य में जीएसटी को लेकर तहसील स्तर तक व्यापारियों से संवाद किया गया। उनकी आशंकाओं के समाधान के लिए अब तक 1200 से अधिक वर्कशॉप आयोजित की गई।






























































