लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस के भीतर जारी नेतृत्व संकट के बीच पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और UPA अध्यक्ष सोनिया गांधी गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। यह फैसला अहम है क्योंकि चुनाव के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच काफी तीखे हमले देखने को मिले थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद भी राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगे। कांग्रेस के इस फैसले से साफ है कि पार्टी पीएम के शपथ ग्रहण से दूरी बनाकर कोई गलत संदेश देना नहीं चाहती है।
गौरतलब है कि चुनावों में बीजेपी ने अकेले 303 सीटें जीतकर अपने दम पर बहुमत हासिल किया जबकि कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। उसे मात्र 52 सीटें ही मिलीं। एक तरफ टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने समारोह में शामिल होने से मना कर दिया है तो वहीं कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं का पहुंचना महत्वपूर्ण संकेत है।
पुदुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणसामी भी इस समारोह में पहुंचेंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस शासित राज्यों जैसे- मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब के मुख्यमंत्री भी मोदी के शपथ ग्रहण में दिख सकते हैं। हालांकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बखेल ने कहा है कि वह पीएम मोदी को बधाई देना चाहते हैं पर पहले से तय प्रतिबद्धताओं के कारण शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे।





























































