अाज गोवा पहुंचेंगे पुतिन, बढ़ेगी भारत की ताकत

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नई दिल्लीः रूसी राष्ट्रपति आज यानी शुक्रवार को गोवा पहुंचेंगे। यहां होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के इतर इंडिया-रशिया एनुअल समिट भी होगी। पुतिन और मोदी ब्रिक्स सम्मेलन से पहले वार्ता करेंगे, जिस दाैरान कई नए समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। उम्मीद है कि रूस और भारत कुल 18 समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इन 5 अहम मुद्दाें पर हाे सकता है समझाैता।

1) एस-400 ट्राइअम्फ
लंबी रेंज की क्षमता वाले एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 ‘ट्राइअम्फ’ की खरीद के लिए दोनों देशों के बीच कई अरब डॉलर के करार पर हस्ताक्षर होंगे। भारत तीन प्रकार की मिसाइलों पर निशाना साधने में सक्षम पांच डिफेंस सिस्टम हासिल करने में दिलचस्पी रखता है। अगर इस समझौते पर हस्ताक्षर हाेते है तो यह चीन के बाद इस मिसाइल सिस्टम का दूसरा बड़ा ग्राहक होगा।

2) ब्रह्मोस का मिनिएचर वर्जन
ब्रह्मोस मिसाइल के नए वर्जन के लिए फॉर्मल कॉन्ट्रैक्ट गोवा में मोदी और पुतिन के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक में हो सकता है। भारत और रूस मिलकर ब्रह्मोस मिसाइल का छोटा वर्जन डिवेलप करने जा रहे हैं, जाे आर्मी के बहुत काम आ सकता है। इसे अक्सर नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की तरफ से होने वाली गोलीबारी का जवाब देना पड़ता है। मिसाइल की फ्लेक्सिबिलिटी और यूज में आसानी को देखते हुए इसका इस्तेमाल दुश्मन के इलाके में प्रोटेक्टेड या छिपे ठिकानों जैसे टेरर लॉन्चपैड या ट्रेनिंग सेंटर को नष्ट करने में किया जा सकता है।

3) कामोव हेलिकॉप्टर
हल्के मिलिटरी चॉपर्स की नई सीरीज तैयार करने के लिए भारत के एचएएल और रूसी कामोव के बीच एक नए ज्वाइंट वेंचर को औपचारिक जामा पहनाया जाएगा। भारत और रूस ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत 1 बिलियन डॉलर लागत वाले 200 कामोव 226टी लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर्स के जॉइंट प्रोडक्शन पर समझौते को आखिरी रूप देंगे। ये हेलिकॉप्टर सेना के बेड़े में पुराने पड़ चुके चीता और चेतक हेलिकॉप्टरों की जगह लेंगे। आधिकारिक सूत्रों की मानें ताे पांचवीं पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट को साथ विकसित करने के लिए भी वर्क शेयर अग्रीमेंट को फाइनल कर दिया गया है। रूस की भारत के लिए युद्धपोत बनाने के संबंध में समझौता करने की भी योजना है।

4) कूटनीतिक रिश्तों पर जोर
पुतिन और मोदी की बातचीत के बाद दोनों नेता जॉइंट स्टेटमेंट जारी करेंगे, जो विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों को सुलझाने की दिशा में उनके साझा प्रयासों को झलकाएगा। दोनों पक्ष अपने कूटनीतिक संबंधों की स्थापना के 70 साल पूरे होने के मौके पर भविष्य के अपने कदमों के एक खाका को भी मंजूरी देंगे। भारत ने उम्मीद जताई कि ब्रिक्स सम्मेलन में इस बात पर चर्चा होगी कि जो देश आतंकवादियों को पनाह देते हैं, उनसे कैसे निपटा जाए। आतंकवाद के खिलाफ कानूनी फ्रेमवर्क के लिए संधि पर भी जोर होगा। बिम्सटेक में भी बातचीत की प्रमुख मुद्दा आतंकवाद रहेगा, क्योंकि पूरा क्षेत्र इससे प्रभावित है।

5) परमाणु क्षेत्र में सहयोग
पुतिन कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट के तीसरे और चौथे यूनिट का उद्घाटन कर सकते हैं। पुतिन के सहयोगी यूरी यूशकोव ने कहा कि परमाणु क्षेत्र में साझेदारी दोनों देशों के बीच सहयोग की धुरी होगी। पुतिन भी भारत को खास सामरिक साझेदार बता चुके हैं। परमाणु सहयोग के मुद्दे पर पुतिन ने कहा कि इसका दोनों देशों के आर्थिक साझेदारी में खास स्थान है। उन्होंने कहा कि जब कुडनकुलम प्लांट के सभी यूनिट पूरी क्षमता के साथ काम करने लगेंगे तो भारत में ऊर्जा की सप्लाई बढ़ेगी और ऊर्जा के क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत होगी।

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