इंडिया-सिंगापुर समुद्री अभ्‍यास पर बोला चीन, ‘हितों को चोट न पहुंचे’

0

इधर भारत एवं सिंगापुर की नौसेना ने गुरुवार को दक्षिणी चीन सागर में सात दिन तक चलने वाला समुद्री अभ्‍यास शुरू किया और उधर चीन की चिंता बढ़ने लगी. शुक्रवार को चीन ने इंडिया-सिंगापुर साउथ चाइना सी ड्रिल्स पर टिप्पणी करते हुए कहा है, “इससे दूसरे देशों के हितों को चोट नहीं पहुंचनी चाहिए”. गौरतलब है कि इस क्षेत्र को लेकर चीन अपना दावा प्रमुखता से रखता रहा है.

हालांकि जब भारतीय मीडिया ने चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग से सवाल किया तब उन्होंने यह भी कहा, “अगर ऐसे अभ्यास और सहयोग क्षेत्रीय शांति और स्थिरता में फायदे मंद हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं है. हम देशों के बीच सामान्य आदान-प्रदानों के लिए बहुत खुला रवैया रखते हैं.”

“जब कोई देश ऐसे आदान-प्रदान और सहयोग करते हैं तो हम सिर्फ आशा करते हैं कि वे इस बात का ख्याल रखेंगे कि उनकी गतिविधियों से अन्य देशों के हितों को चोट न पहुंचे और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव ना पड़े.”

आपको बता दें कि, भारतीय नौसेना के चार युद्धपोत और लंबी दूरी तक मार करने वाला पनडुब्बी रोधी युद्धक विमान पी-81 एसआईएमबीईएक्स (सिंगापुर भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्‍यास) में हिस्सा ले रहे हैं. इस अभ्‍यास का मकसद दोनों नौसेनाओं के बीच अभियान बढ़ाना है. इस अभ्‍यास के दौरान समुद्र में विभिन्न अभियानगत गतिविधियों की योजना बनाई गई है.

नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने बताया, “इस वर्ष समुद्र में अभ्‍यास का जोर पनडुब्बी रोधी युद्धकौशल, जमीन, वायु एवं भूमि के नीचे की ताकतों के साथ समन्वित अभियानों, वायु रक्षा तथा जमीनी मुठभेड़ अभ्‍यासों पर रहेगा’. सिंगापुर नौसेना के कई युद्धपोत इस अभ्‍यास में भाग ले रहे हैं. साथ ही इसमें सिंगापुर के समुद्री गश्ती विमान फोकर एफ50 और एफ 16 विमान भी शामिल होंगे.”

Previous articleअगर आपके घर में है तुलसी का पौधा तो जान लें ये जरूरी बातें
Next articleकंपनियां नहीं बढ़ा सकती मनमाने तरीके से दाम: वित्त मंत्रालय

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here