राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शहीद जवानों को याद किया । उन्होंने कहा कि जवानों ने कुर्बानी नहीं दी होती तो आज हम यह उत्सव भी नहीं मना रहे होते।
कोविंद ने रविवार को नया रायपुर स्थित पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी औद्योगिक परिसर में राज्योत्सव के समापन और अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज यहां आने से पहले उन्होंने ‘शहीद स्मारक’ जाकर वीर जवानों के सम्मान में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में राज्य के लोगों की सुरक्षा और राज्य की अस्मिता को बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान शहीद हुए हैं।
कोविंद ने कहा, ‘‘मुझे बताया गया कि जिन अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों ने अपना जीवन न्योछावर किया है, उनकी संख्या 1100 से अधिक है। यह संख्या बहुत बड़ी है। उन सभी वीर सपूतों को मैं नमन करता हूं, जिन्होंने इस राज्य की अस्मिता को बनाए रखने के लिए तथा देश में अमन चैन को बनाए रखने के लिए अपने जीवन की कुर्बानी दी है।’’ राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि उन पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने कुर्बानी नहीं दी होती तो संभवत: आज हम यह उत्सव भी नहीं मना रहे होते।’’
इस कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद वह माना स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी बटालियन पहुंचे, जहां उन्होंने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति सोमवार को राज्य के सुप्रसिद्ध संत और महान समाज सुधारक गुरुबाबा घासीदास की जन्मस्थली और तपोभूमि गिरौदपुरी जाएंगे। कोविंद वहां से दोपहर बाद रायपुर आकर भारतीय वायु सेना के विमान से नई दिल्ली रवाना होंगे।





























































