इन्दौर- (ईपत्रकार.कॉम) |केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत के मुख्य आतिथ्य में आज ब्रिलियेंट कन्वेंशन सेंटर में बड़े पैमाने पर मुद्रा प्रोत्साहन अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री गेहलोत ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकारें युवाओं को रोजगार देने के लिये स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही हैं। स्वरोजगार से युवाओं को सृजनात्मक मार्ग प्रशस्त हो रहा है। उन्होंने देश के युवाओं से आह्वान किया कि कौशल प्राप्त कर प्रत्येक युवा कम से कम 5 युवाओं के लिये रोजगार सृजित करे। रोजगारंटी स्वरोजगार और रोजगार सृजन तीनों पर जोर देने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि भारत एक समृद्ध देश है। यहां पर जल संशाधन, खनिज सम्पदा और मानव संसाधन अत्यधिक है। ये तीनों संसाधन मिलकर भारत को पुन: विश्व गुरू और सोने की चिड़िया बनायेंगे। एशिया के दो देश चीन और जापान कौशल विकास के कारण आज-कल आर्थिक विश्व महाशक्ति बन गये हैं। भारत को भी इनके नक्शे कदम पर चलना है। कठोर परिश्रम करके हम भी आर्थिक विश्व महाशक्ति बन सकते हैं।
श्री गेहलोत ने युवाओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि भारत सरकार द्वारा अब नोटबंदी और जीएसटी का क्रांतिकारी निर्णय लिया गया जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं। भारत की विकास दर हर क्षेत्र में बढ़ी है। भारत सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबके कल्याण में विश्वास करती है। हमें किसी वर्ग या जाति विशेष से भेदभाव नहीं करना है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पिछले दो साल में देश के लगभग साढ़े 4 करोड़ युवाओं से स्वरोजगार के लिये लोन लिया। यह लोन बिना गारंटी के दिया गया। इसी प्रकार देश में पिछले तीन साल में लगभग तीन लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया।
श्री गेहलोत ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे युवाओं के स्वरोजगार प्रकरण पर उदारतापूर्वक विचार करें। आपत्तियां कम से कम लगायें। स्वरोजगार से एक व्यक्ति नहीं एक परिवार के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। युवा वर्ग विकास की रीढ़ है। इनके विकास से देश का विकास होगा। हमारे देश में 60 प्रतिशत से अधिक युवा वर्ग हैं।
इस अवसर पर राज्य शासन के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय पाठक ने कहा कि युवा हमारे देश की उर्जा शक्ति हैं। राज्य और केन्द्र सरकार इन्हें शिक्षा और रोजगार से लगाने के लिये प्रयत्नशील हैं। हमारा उद्देश्य इन युवाओं को नौजवानी में ही रचनात्मक मोड़ देना है। राज्य शासन द्वारा युवाओं को पिछले तीन साल में साढ़े 14 हजार करोड़ लोन दिया गया है। कोई भी युवा उद्यमी, दूरदृष्टि पक्का इरादा और कड़ी मेहनत से लक्ष्य हासिल कर सकता है। बैंकर्स ओर जनप्रतिनिधि मिलकर इन युवाओं को स्वरोजगार ऋण दिलायें। अधिकाधिक युवाओं को स्वरोजगार ऋण मिलना चाहिये। यह ऋण अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, विकलांगों, महिलाओं और पुरूषों सबकों दिया जा रहा है। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ ने कहा कि राज्य शासन और केन्द्र सरकार युवाओं को स्वरोजगार देने के लिये कृतसंकल्पित हैं। अधिकारी और जनप्रतिनिधि मिलकर 18 से 45 वर्ष तक के युवाओं को स्वरोजगार देकर रचनात्मक दिशा में मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के तहत युवाओं को 50 हजार से एक करोड़ रुपये तक लोन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक स्वरोजगार योजनायें संचालित की जा रही है। इसके अलावा केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जनधन योजना भी संचालित की जा रही है। नये भारत के विकास में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस दिशा में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। इस अवसर पर स्वरोजगार प्राप्त युवाओं ने अपने संस्मरण सुनायें। कार्यक्रम में हेमंत भसीन (दिव्यांग), अजय, कविता,सुमित और आरती राजपुरोहित द्वारा सफलता की कहानी बतायी गयी।
कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री महेन्द्र हार्डिया, सुश्री उषा ठाकुर, श्री सुदर्शन गुप्ता, श्रीमती वंदिता कौर, श्री बी.एल कांताराव ,श्री अमित राठौर, श्री योगेन्द्र सिंह, कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े के अलावा बड़ी संख्या में स्वरोजगार हितग्राही मौजूद थे। कार्यक्रम में प्रमुख बैंकों द्वारा स्वरोजगार प्रकरण बनाने हेतु स्टॉल लगाये गये थे। इन स्टॉलों पर डिजिटल बैंकिंग की प्रेक्टिल जानकारी भी दी गयी। कार्यक्रम में लगभग 3 हजार युवाओं ने भाग लिया।



































































