बता दें कि देश में 24 मार्च को लगे लॉकडाउन के बाद सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बंद हैं। हालांकि, उन्होंने बसों और कारों के संचालन के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने और हैंड वाश, सैनिटाइजिंग, फेस मास्क आदि जैसे सभी सुरक्षा उपायों को अपनाने के प्रति आगाह किया। मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बस एंड कार ऑपरेटर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।
गडकरी ने कहा कि, कुल जगहों पर लोग फंसे हुए हैं,इसलिए एयरलाइंस, रेलवे, और बस परिवहन शुरू करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि शहरों में प्रवासी मजदूरों को बनाए रखने के लिए आर्थिक गतिविधि को फिर से शुरू करना होगा। गडकरी ने कहा, जहां तक प्रवासियों का संबंध है, अगर हम उद्योग, परिवहन शुरू करते हैं, तो लोग रुके रहेंगे। हम कोशिश कर रहे हैं कि हम इन चीजों को कैसे नियमित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनका मंत्रालय सार्वजनिक परिवहन के लंदन मॉडल को अपनाना चाहता है, जहां सरकारी धन कम से कम है और निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाता है।
गडकरी ने कहा कि देश और उद्योग दोनों लड़ाईयों को एक साथ जीतेगा-एक कोरोनो वायरस सेऔर एक दूसरा आर्थिक मंदी से। बता दें कि, एमएचए ने पिछले सप्ताह जारी दिशानिर्देशों में नारंगी और हरे रंग के क्षेत्रों में बसों और कैब के संचालन की अनुमति दी, लेकिन प्रतिबंधित तरीके से। गडकरी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नियमित संपर्क में हैं, जो COVID-19 महामारी के इन कठिन दिनों के दौरान अर्थव्यवस्था के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं।






























































