‘पद्मावत’ में सती प्रथा को महिमामंडित करने पर भंसाली को जवाब देना चाहिए: स्वरा भास्कर

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नई दिल्ली: संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ काफी विरोध के बीच 25 जनवरी को रिलीज हुई और फिल्म को क्रिटिक्स के साथ-साथ दर्शकों द्वारा भी पसंद किया गया. इसी बीत बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने भी फिल्म देखी और फिल्म देखने के बाद उन्होंने संजय लीला भंसाली को एक खुला खत लिखा. अपने इस खत में उन्होंने महिलाओं के अधिकार की बात की है. उन्हें लगा कि फिल्म में सती और जौहर का काफी महिमंडन किया गया है.

काम के लिए भंसाली की तारीफ की
स्वारा को लगा कि भंसाली को फिल्म में आखिरी सीन को नहीं रखना चाहिए था. उन्होंने अपने खत में कई जगह पर भंसाली की फिल्म और उनके काम के साथ-साथ कलाकारों और टीम की भी सरहाना की है. उन्होंने अपने खत में यह भी कहा कि भंसाली के निर्देशन में काम कर सभी कलाकार अपना 100 परसेंट देते हैं. हालांकि, इसके साथ उन्होंने फिल्म को लेकर अपनी बेबाक राय भी रखी. उन्होंने कहा कि अब हम 21वीं सदी में रह रहे हैं और इस सदी में महिलाओं को जीने का हक है.

महिलाओं के अधिकार की बात की
स्वरा ने अपने खत में लिखा, यह फिल्म ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है और सती और जौहर आदि कुप्रथाएं हमारे समाज का ही हिस्सा रही हैं. फिल्म की शुरुआत में सती-जौहर प्रथा के खिलाफ डिस्क्लेमर दिखा कर निंदा कर देने भर का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि इसके आगे तीन घंटे तक राजपूत आन-बान-शान का महिमंडन चलता है.’ फिल्म को लेकर स्वरा ने अपनी नाराजगी खुले तौर पर जाहिर की है और महिलाओं के अधिकारों की बात की है.

सती प्रथा को बढ़ावा देने का लगाया आरोप
बता दें, संजय लीला भंसाली की इस फिल्म को हर जगह सरहाना मिल रही है लेकिन स्वरा ऐसी पहली अभिनेत्री है जिसने फिल्म को लेकर अपना पक्ष रखा है और आरोप लगाया है कि फिल्म में जौहर और सती प्रथा को बढ़ावा दिया गया है. हालांकि, इससे पहले हंसल मेहता ने भी कहा था कि फिल्म में जौहर और सती प्रथा को भी बढ़ावा दिया गया है.

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