फ्रांस की राजधानी पेरिस में गुरुवार रात एक बंदूकधारी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. इस हमले में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई. जबकि दो जवान घायल हो गए. आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
पुलिस पर हमले के बाद जब हमलावर ने भागने की कोशिश की तो उस पर अटैक किया गया. जवाबी हमले में हमलावर को मार दिया गया. ये हमला पेरिस के चैम्स-एलीसीस शॉपिंग डिस्टि्रक में हुआ. रात करीब नौ बजे हमलावर ने पुलिस कार पर फायरिंग शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि हमलावर के पास ऑटोमेटिक गन थी, जिससे पुलिस पर फायरिंग की गई. आतंकी की फायरिंग में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई. जबकि दो जवान घायल हो गए. हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. तमाम सुरक्षाबलों को मौके पर बुला लिया गया.
पेरिस पुलिस की प्रवक्ता जोहाना प्राइमवर्ट ने बताया कि हमलावर ने फ्रैंकलिन रूसवेल्ट सब-वे स्टेशन के करीब पुलिस को निशाना बनाया. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले में दो लोगों के शामिल होने की आशंका है. जिनमें से एक को मार गिराया है. फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वां ओलां ने देशवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया.
ISIS ने ली जिम्मेदारी
आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. जिहादिस्ट प्रोपेगेंडा एजेंसी अमाक के हवाले से न्यूज एजेंसी एएफपी ने इसका दावा किया है. हमलावर का नाम अबु यूसुफ बताया जा रहा है. जो पेरिस का ही रहने वाला है और आईएसआईएस का लड़ाका था. उसकी उम्र 39 साल बताई जा रही है.
चुनाव से ठीक पहले हमला
फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां चल रही हैं. रविवार को वहां पहले चरण के लिए वोटिंग होनी है. ऐसे में इस हमले ने फ्रांस की चिंता बढ़ा दी है. चुनाव को देखते हुए पूरे देश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
ट्रंप ने बताया आतंकी हमला
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के तुंरत बाद टिप्पणी दी. ट्रंप ने कहा कि यह गोलीबारी एक और ‘आतंकी हमला’ लग रही है.
ब्रिटेन ने की आलोचना
ब्रिटेन ने पेरिस में हुए इस हमले की निंदा की है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलां से बात कर संवेदना व्यक्त की.
बता दें कि 2015 में भी फ्रांस में आतंकी हमला हुआ था. नवंबर महीने में फ्रांस की राजधानी पेरिस में सिलसिलेवार तरीके से आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया था. पिछले दो सालों में फ्रांस में आतंकी हमलाें से करीब 250 लोगों की मौत हो चुकी है.































































