पेस ने जताया गुस्सा, कहा- महेश ने चयन मानदंड का उल्लंघन किया

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लिएंडर पेस ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ भारत की डेविस कप टीम से बाहर किये जाने के बाद गुरुवार को गैर खिलाड़ी कप्तान महेश भूपति को लताड़ते हुए उन पर चयन मानदंड के उल्लघंन का आरोप लगाया.

पेस ने संकेत दिया कि भूपति के साथ उनके कड़ुवे रिश्ते टीम से उन्हें बाहर करने का कारण हो सकता है. पेस को बाहर कर रोहन बोपन्ना को टीम में जगह दी गयी है जबकि उन्होंने कुछ दिन पहले ही मेक्सिको में चैलेंजर खिताब अपने नाम किया.

जयपुर में 1990 में आगाज करने के बाद 27 साल में पहली बार पेस को डेविस कप टीम से बाहर किया गया है.

पेस ने केएसएलटीए स्टेडियम में पत्रकारों से कहा, ‘‘जब मैं कल सुबह यहां अभ्यास के लिये आया तो मैं अच्छी तरह बॉल हिट कर रहा था. चयन का मानदंड फार्म होना था, जो निश्चित रूप से नहीं हुआ.’’

पेस इस बात से सहमत थे कि टीम चुनना भूपति का अधिकार है लेकिन उन्होंने उन्हें सलाह दी कि वे किसी के भी खिलाफ पक्षपात नहीं करें. उन्होंने कहा, ‘‘एक समय यह रैंकिंग के आधार पर होता था और कभी कभार यह पसंद और निजी तरजीह के आधार पर होता है. कभी कभार यह व्यक्तिगत पसंद पर नहीं बल्कि इस आधार पर होता है कि कौन ड्यूस कोर्ट पर और कौन एड कोर्ट पर खेलता है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘और अब यह फार्म पर आधारित है. फार्म के आधार पर, आप लोग बेहतर जानते हो कि कौन बेहतर खेला.’’

पेस ने लियोन चैलेंजर जीता है जहां की ऊंचाई बेंगलुरू से कहीं ज्यादा है इसलिये उन्हें लगता है कि उनके प्रदर्शन को नहीं देखा गया है. उन्होंने कहा, ‘‘बेंगलुरू की ऊंचाई 920 मीटर है. लियोन की ऊंचाई 1800 मीटर है जो बेंगलुरू की ऊंचाई से दोगुनी है.’’

पेस अपमानित महसूस कर रहे हैं क्योंकि उन्हें मेक्सिको से सिर्फ टीम से बाहर करने के लिये बुलाया गया था. उन्होंने कहा कि इसके लिये सिर्फ एक फोन करने की जरूरत थी.

उन्होंने कहा, ‘‘देश के लिये खेलने के संबंध में इस तरह की बेहूदगी नहीं होनी चाहिए. मेरा मानना है कि आपको एक फोन करने की जरूरत थी कि आपकी जरूरत है या आपकी जरूरत नहीं है. यह इतना सरल है. यह इस तरह का नहीं होना चाहिए.’’

पेस ने कहा, ‘‘भारतीय ध्वज, देश और लोगों के लिये मेरा प्यार निस्वार्थ है. इसलिये मैं मेक्सिको से यहां तक आया जबकि मैं आसानी से अपनी रैंकिंग और करियर पर काम कर सकता था.’’

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