जबलपुर – ईपत्रकार.कॉम |कलेक्टर महेशचन्द्र चौधरी ने कहा कि बाल संरक्षण एक महती जिम्मेदारी है। यह जरूरी है कि नवगठित बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और सदस्य सकारात्मक मानसिकता के साथ अपने कर्तव्य को अंजाम देंगे।
श्री चौधरी आज यहां जिला बाल संरक्षण समिति एवं वन स्टॉप सेंटर (सखी) की मूल्यांकन समिति की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि समिति अपने दायित्व के निर्वहन के दौरान महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, श्रम, पुलिस तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ समन्वय कर उनका सहयोग हासिल करे। बैठक में पीड़ित महिलाओं को विधिक सहायता मुहैया कराने के बारे में भी चर्चा हुई। इसके अलावा फॉस्टर केयर योजना के सम्बन्ध में हुई चर्चा के दौरान बताया गया कि योजनान्तर्गत बच्चों को अपनाने वाले अभिभावकों को उनकी पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी।
कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि ऐसे अभिभावकों की मदद के लिए भी पहल की जानीं चाहिए जो अपने बच्चों को स्कूलों में पढ़ा पाने में समर्थ नहीं हैं। उन्होंने जनसुनवाई में आने वाली पीड़ित महिलाओं का जिक्र करते हुए सीएमएचओ डॉ मुरली अग्रवाल और जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी अखिलेश मिश्रा को प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में मौजूद रहने के निर्देश दिए। श्री चौधरी ने कहा कि कानूनी मदद की तलबगार महिलाओं की सहायता में जिला विधिक सहायता अधिकारी की सार्थक भूमिका हो सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं और जरूरतमंद बच्चों को मदद की आवश्यकता होने पर उन्हें कहां और किससे सम्पर्क करना है इस बाबत् प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति के संभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए तथा इस सिलसिले में अपेक्षित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, श्रम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और बाल कल्याण समिति द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जाए। बैठक में वन स्टॉप सेंटर (सखी) के संचालन के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय, स्टाफ की व्यवस्था और अन्य सम्बन्धित विषयों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एकीकृत रूप से एक ही छत के नीचे चिकित्सा सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श, विधिक सहायता, न्यायालय में डीआईआर दर्ज कराने एवं अस्थाई आश्रय की सुविधा के लिए वन स्टॉप सेंटर (सखी) का संचालन महिला सशक्तिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसका कार्यालय भू-सर्वेक्षण ऑफिस के पास संजीवनी नगर में स्थित है।
बैठक में नवगठित बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ मनीष पाण्डे तथा अन्य सदस्य मौजूद थे।
































































