प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों को ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित किया. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत कश्मीर के मुद्दे से की है. उन्होंने कहा है कि कश्मीर के लोग अब शांति चाहते हैं. उन्होंने कहा कि कश्मीर के नागरिक देश-विरोधी ताकतों को भली-भांति समझने लगे हैं.
मोदी ने उरी अटैक पर कहा, ‘यह कायराना घटना पूरे देश को झकझोरने के लिए काफी थी. देश में शोक भी है, आक्रोश भी है और ये क्षति सिर्फ उन परिवारों की नहीं है, जिन्होंने अपना बेटा खोया, भाई खोया, पति खोया. ये क्षति पूरे राष्ट्र की है. और इसलिए मैं देशवासियों को आज इतना ही कहूंगा और जो मैंने उसी दिन कहा था, मैं आज उसको फिर से दोहराना चाहता हूं कि दोषी सजा पा करके ही रहेंगे.’
उन्होंने सेना पर भरोसा जताते हुए कहा, ‘ हमें सेना पर नाज है. हम नागरिकों के लिए, राजनेताओं के लिए, बोलने के कई अवसर होते हैं. हम बोलते भी हैं. लेकिन सेना बोलती नहीं है. सेना पराक्रम करती है.’
पैरालंपिक में उन्होंने विकलांग खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के लिए उनकी जमकर तारीफ की. मोदी ने कहा, ‘खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने, दिव्यांगों के प्रति दृष्टिकोण को, पूरी तरह बदल दिया है.’ पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात के नवसारी में उन्हें बेहद खास अनुभव हुआ. यहां पिछले दिनों विकलांगों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था.
मोदी ने कहा, ‘ग्रामीण भारत में अब तक करीब-करीब ढाई-करोड़ शौचालय का निर्माण हुआ है और आने वाले एक साल में डेढ़ करोड़ और शौचालय बनाने का इरादा है.’ उन्होंने स्वच्छता एप की शुरुआत करने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए जो युवा काम करना चाहते हैं उन्हें कॉरपोरेट मदद करें.
मोदी ने कहा कि स्वच्छता मिशन के बारे में जानने के लिए सरकार ने एक नया फोन नंबर जारी किया है. कोई भी व्यक्ति 1969 पर डायल करके अपने शहर में स्वच्छता मिशन की स्थिति के बारे में जान सकता है.





























































