भोपाल – ईपत्रकार.कॉम | भोपाल नगर के व्यस्ततम बाजार लखेरापुरा, चौक बाजार और न्यू मार्केट का आम जनता और व्यापारियों के लिये सुविधाजनक बनाने के सिलसिले में आज नगर निगम के महापौर श्री आलोक शर्मा, संभागायुक्त श्री अजात शत्रु श्रीवास्तव, कलेक्टर श्री सुदाम खाडे, डीआईजी श्री संतोष सिंह सहित जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी जमीनी हकीकत से रू-ब-रू हुए।
सबसे पहले महापौर सहित सभी अधिकारियों ने चौक और उसके आसपास के बाजार का अवलोकन किया। दुकानदारों ने बताया कि अपनी मर्जी से अतिक्रमण हटाने को तैयार हैं, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था हो जाये तो आवागमन और भी सुगम हो जायेगा। महापौर श्री आलोक शर्मा ने सभी को आश्वस्त किया कि दुकानदारों और सेल्समेनों के लिए बहुमंजिला पार्किंग स्थल पर जगह उपलब्ध करा दी जायेगी। परंतु उसके बाद भी चौक क्षेत्र में व्यापारियों या सेल्समेनों के वाहन दिखे तो उन्हें नगर निगम अपने उड़नदस्ते के माध्यम से उठवायेगा और उस पर जुर्माना भी लगाया जायेगा। व्यापारी संगठनों ने इस पर सहमति जताई।
व्यापारियों से चर्चा करते हुए संभागायुक्त श्री अजात शत्रु श्रीवास्तव ने कहा कि चौक बाजार को हेरिटेज बाजार के रूप में विकसित करने के लिये कार्रवाई चल रही है। यह कार्य सभी के सकारात्मक सहयोग से ही संभव हो पायेगा। नगर निगम द्वारा जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर एक प्लान तैयार किया गया है।
चौक बाजार के भ्रमण के दौरान बंद बड़ी दुकानों के बाहर अस्थाई दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों ने बताया कि वे अपने कारोबार के लिये डेढ़ सौ रूपये से ढाई सौ रूपये प्रतिदिन बंद दुकान के मालिक को देते हैं। कुछ दुकानदारों ने बताया कि वे अपनी दुकान के बाहर सामान इसलिये जमा करते हैं क्योंकि आजू-बाजू के दुकानदार भी ऐसा ही कर रहे हैं। महापौर ने समझाया कि इन सब बातों से चौक के व्यापार पर विपरीत असर पड़ रहा है। शहर का चौक बाजार सबसे पुराना बाजार है। इसे धरोहर के रूप में विकसित करने में सभी का सहयोग जरूरी है।
बाद में महापौर और अधिकारियों ने न्यू मार्केट से अतिक्रमण का निरीक्षण। व्यापारियों द्वारा फुटपाथ और गलियारों में अपना सामान रखने के कारण 33 फीट चौड़ी सड़क मात्र चार-पांच फुट की रह गई है। यहां टॉप एण्ड टाउन से क्वालिटी रेस्टोरेंट तक नगर निगम द्वारा सौंदर्यीकरण का काम शुरू कर दिया है। व्यापारियों को एक सप्ताह की मोहलत दी गई वे अपने कच्चे-पक्के अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा नगर निगम सख्ती से अतिक्रमण हटायेगा। प्रशासन इस कार्यवाही में सहयोग करेगा।





































































