सभी कलेक्टर अमानक खाद, बीज एवं कीटनाशकों पर कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें-कृषि उत्पादन आयुक्त

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सागर – (ईपत्रकार.कॉम) |संभाग के सभी जिलों में अमानक खाद, बीज एवं कीटनाशकों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाये। संबंधित संस्थाओं का लाइसेंस निलंबित करना ही पर्याप्त नहीं है उनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने एवं लाइसेंस निरस्त करने की भी कार्यवाही की जाये। साथ ही खाद, बीज एवं कीटनाशकों के अधिकाधिक नमूने लिये जायें। यह निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त श्री प्रेमचंद मीना ने कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी, मछली पालन एवं पशुपालन विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिये। बैठक का आयोजन दो सत्रों में हुआ प्रथम सत्र में कृषि, उद्यानिकी एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा की गई। द्वितीय सत्र में मछली पालन, पशुपालन एवं डेयरी विकास की समीक्षा हुई।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मीना ने कहा कि संभाग के सभी कलेक्टर अमानक खाद, बीज एवं कीटनाशकों पर कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें। कार्यवाही नहीं होने पर संबंधित जिले के उप संचालक कृषि पर कार्यवाही होगी। उन्होंने बैठक में संभाग के सभी जिलों के उप संचालक कृषि पर उचित कार्यवाही नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में कृषि की आकस्मिक कार्ययोजना बनी हुई है जिसका पुनः परीक्षण कर लिया जाये। पानी के अभाव के कारण किसानों को ऐसी फसलें बोने के लिए प्रोत्साहित करें जो कम पानी में अधिक उपज दे सकें। उन्होंने कहा कि चना, मसूर, अलसी, सरसों कम पानी में अधिक उपज देने वाली फसलें हैं। उन्होंने कहा कि पॉंच वर्षो के निर्धारित समय में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी जिलों में कार्यवाही सुनिश्चित करें।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मीना ने कहा कि किसानों को खाद-बीज की कोई कमी न रहे। यदि किसी जिले में खाद बीज की आवश्यकता है तो उसकी मांग कर ली जाये। उन्होंने कहा कि भावान्तर भुगतान योजना के तहत जिन जिलों में कम पंजीयन हुए है, वहां पंजीयन बढ़ाये जायें। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिकाधिक पात्र किसानों का बीमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए फसल चक्र अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिए।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मीना ने ज्यादा से ज्यादा किसानों को खाद-बीज के रूप में वस्तु ऋण प्रदान करने के निर्देश सहकारिता विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि कृषि लागत में कमी कर उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि की जाये। उन्होंने प्रत्येक विकासखंड में कम-से-कम कस्टम प्रोसेसिंग एवं सर्विस केन्द्र की स्थापना करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत खेतों की मेढ़ों पर वृक्षारोपण कराया जाये।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मीना ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए कि किसान फसलों की नरवाई नहीं जलायें इसके लिए अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करायें। खेतों में नरवाई जलाने वाले किसानों पर नियमानुसार जुर्माना भी करें। इसके तहत किसानों पर 15 हजार रूपये तक जुर्माना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के अंतर्गत 31 अक्टूबर तक नवीन सदस्यता अभियान, नवीन केसीसी वितरण अभियान एवं केसीसी को रूपे कार्ड में परिवर्तन का अभियान चलाया जाना है। उन्होंने उर्वरक भंडार एवं प्रदाय की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मीना ने उद्यानिकी एवं डेयरी विकास सेक्टर में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा सभी कलेक्टर टी.एल. बैठक में प्रति सप्ताह करें। उन्होंने विभिन्न शासकीय कार्यालय परिसरों में सांची दूध एवं दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के तहत बच्चों को व्यवस्थित ढंग से दूध प्रदाय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मछली पालन एवं इसके विक्रय को बढ़ावा दिया जाये। प्रत्येक जिले के एक तालाब में केज कल्चर के तहत मछली उत्पादन शुरू कराया जाये। बैठक में संबंधित विभागों के मुख्यालय भोपाल से पधारे अधिकारी, संभागायुक्त श्री प्रमोद गुप्ता, जिलों के कलेक्टर, सीईओ, संयुक्त आयुक्त (विकास) डॉ. राजेश राय एवं संभागीय व जिलाधिकारी उपस्थित थे।

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