सरकारी अस्पतालों में समय से उपचार के पुख्ता बंदोबस्त हों – कलेक्टर

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जबलपुर – ईपत्रकार.कॉम |कलेक्टर महेशचन्द्र चौधरी ने शासकीय चिकित्सालयों में आम जन को समय पर उपचार नहीं मिलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ डॉ मुरली अग्रवाल को इस सम्बन्ध में तत्काल जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समय से समुचित इलाज नहीं मिलने की शिकायतों का फॉलो-अप किया जाए। सीएमएचओ स्वयं इस सिलसिले में मरीज व सम्बन्धित डॉक्टर से चर्चा कर वस्तुस्थिति की पड़ताल करें और निष्कर्षों से अवगत कराएं।

श्री चौधरी आज यहां समय-सीमा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने भावान्तर भुगतान के लिए अभी भी किसानों के शेष रह जाने को लेकर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए मण्डी सचिव को दो दिन में शेष रह गए किसानों के बिल लगाए जाने के लिए पाबंद किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बजट लैप्स होने पर सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। कलेक्टर ने जल संसाधन और एनव्हीडीए के अधिकारियों को पुनर्वास सम्बन्धी व्यवस्थाओं को गंभीरता से लेने को कहा।

बैठक में श्री चौधरी ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे 24 फरवरी को पनागर में होने जा रहे हितग्राही महासम्मेलन में असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों तथा अन्य सम्बन्धित हितग्राहियों की भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता और पुख्ता यातायात बंदोबस्त की बाबत् भी अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। श्री चौधरी ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभाग अपनी विभागीय गतिविधियों पर केन्द्रित आकर्षक प्रदर्शनी लगाएं। इस सिलसिले में मुख्य तौर पर कृषि, मछली, वन, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभागों के अधिकारियों तथा जिला अग्रणी प्रबंधक को निर्देशित किया गया। बैठक के दौरान कलेक्टर ने लोक सेवा प्रबंधक शुभांगी शुक्ला को निर्देश दिए कि वे कार्यक्रम स्थल पर जन शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज किए जाने के इंतजाम करें और इसके लिए पर्याप्त संख्या में ऑपरेटर्स रखे जाएं।

तीन सौ दिन से अधिक समय से लम्बित शिकायतों को लेकर नाराजगी जताई
कलेक्टर श्री चौधरी ने नियमित समीक्षा और बारम्बार दिए जाने वाले निर्देशों के बावजूद अब भी सीएम हैल्पलाइन की तीन सौ दिन से अधिक समय से लम्बित शिकायतों की बड़ी संख्या को लेकर सख्त नाराजगी का इजहार किया। उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को इन शिकायतों के निराकरण के लिए अविलम्ब अपेक्षित कदम उठाने की ताकीद की। विभिन्न विभागों में लम्बित शिकायतों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कृषि की 39, वन की 28, नगर निगम की 20, लोक निर्माण की 18, पंचायत की 17, स्कूल शिक्षा की 16, आदिवासी विकास की 14 शिकायतों का उल्लेख करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों से कैफियत तलब की। कलेक्टर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा आदिवासी विकास विभाग की लम्बित शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के लिए सीईओ जिला पंचायत हर्षिका सिंह तथा सहायक कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी आदिवासी विकास अंशुल गुप्ता को पत्र जारी किए जाने के निर्देश दिए। जिन अन्य विभागों के अधिकारियों के प्रति लम्बित शिकायतों को लेकर अप्रसन्नता व्यक्त की गई उनमें उच्च शिक्षा, ऊर्जा, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, योजना, पीएचई, श्रम, सामाजिक न्याय तथा उद्योग विभाग शामिल थे।

कलेक्टर श्री चौधरी ने गत 16 फरवरी को सम्पन्न हुई राजस्व अधिकारियों की संभागीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में 20 वर्ष की सेवा अथवा 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके तथा शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही का रवैया अख्तियार करने वाले या अक्षम शासकीय सेवकों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्यवाही प्रस्तावित किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधीक्षक भू-अभिलेख से इस सिलसिले में अब तक की गई कार्यवाही का ब्यौरा लिया। इस सम्बन्ध में अपेक्षित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए अपर कलेक्टर संजना जैन को जिम्मेदारी सौंपी गई।

कलेक्टर ने नई रेत खनन नीति के सिलसिले में खनिज अधिकारी को निर्देश दिए कि वे पंचायतों से नई रेत खदानों के प्रस्ताव प्राप्त करें और प्रावधानों के अनुसार नई खदानें पंचायतों को सौंपे जाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।

बैठक में सभी विभाग प्रमुख मौजूद थे।

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