फाइनैंशल रेग्युलेटर्स के पैनल ने एक प्रस्ताव रखा है कि गोल्ड की खरीद के लिए पैन कार्ड जरूरी कर दिया जाय। फिलहाल 2 लाख से ज्यादा कीमत का सोना खरीदने पर ही पैन कार्ड की जरूरत होती है। अगर सरकार इससे सहमत होती है तो सोने की खरीद भले ही कितनी भी राशि की हो इसके लिए पैन कार्ड जरूरी हो सकता है|
सोने की हर खरीद-फरोख्त इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रजिस्ट्री में दर्ज की जाएगी|इसका मतलब है कि जब भी आप किसी ज्वैलर से सोना खरीदेंगे तो ऑनलाइन उसका हिसाब-किताब रखा जाएगा ताकि पता चल सके कि कहीं कोई व्यक्ति सोना खरीदकर काला धन तो जमा नहीं कर रहा है|
हाउसहोल्ड फाइनैंशल पैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कमिटी का मानना है कि गोल्ड मार्केट में टैक्स चोरी के आकलन की वर्तमान विधियां पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए एक सशक्त डेटा की जरूरत है, जिससे टैक्स चोरी को पकड़ा जा सके। कमिटी का यह भी मानना है कि टैक्स से बचने वालों के खिलाफ भी कड़े नियम होने चाहिए।’
हाउसहोल्ड फाइनेशियल पैनल की रिपोर्ट ने कहा, ‘समिति ने यह सिफारिश सोने के रूप में काला धन जमा करने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण लगाने के इरादे से की है|समिति का मानना है कि कर निवारण का प्रवर्तन सख्त होना चाहिए| आरबीआइ ने वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की मीटिंग के बाद भारत में घरेलू वित्त के विभिन्न पहलुओं के अध्ययन के लिए इस समिति का गठन किया था|
कमिटी का कहना है कि दूसरे देशों की अपेक्षा भारत में लोग घर में ज्यादा गोल्ड रखते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण टैक्स से बचना बताया गया है जबकि वे इस गोल्ड को बैंक में या अन्य जगहों पर रखकर रिटर्न कमा सकते हैं। इस तरह के प्रचलन को रोकने के भी प्रयास किए जाएंगे






























































