ग्वालियर – ईपत्रकार.कॉम |बदलते परिवेश एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर मेले को इस प्रकार से नया रूप दें, जिससे मेले की अनिवार्यता सिद्ध हो। यह बात केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कही। श्री तोमर श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा खुशी की बात है इस बार के मेले में 200 करोड़ रूपए का व्यापार हुआ है और मेला बिना किसी बाधा के सानंद सम्पन्न हुआ है। समारोह की अध्यक्षता महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने की।
केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि मेले के विस्तार के प्रयास इस प्रकार हों, जिससे दिल्ली के प्रगति मैदान में लगने वाले अत्याधुनिक स्टॉल भी ग्वालियर मेले में लगने लगें। उन्होंने कहा मेला दुकानदारों को विश्वास में लेकर मेला आयोजन की तिथियाँ तय करें। साथ ही जून माह से ही मेले की तैयारी प्रारंभ की जाएँ, जिससे मेला समय से लग सके। श्री तोमर ने कहा कि दुकानदार एवं सैलानी मेले के प्राण होते हैं। इसलिये दुकानदारों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने मेला व्यापारी संघ द्वारा मेले की बढ़ी हुई अवधि का दुकानों का किराया न लेने के संबंध में की गई माँग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने के निर्देश संभाग आयुक्त एवं मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बी एम शर्मा को दिए।
श्री तोमर ने इस साल मनोरंजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आयोजित हुए रचनात्मक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा खुशी की बात है कि इस साल मेले में एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। मेला में कारोबार करने आए 54 दुकानदारों के बच्चों को सर्वशिक्षा अभियान के तहत पढ़ाने की व्यवस्था करने के लिये उन्होंने कलेक्टर की सराहना की।
महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि ग्वालियर मेला यहाँ के निवासियों के लिये त्यौहार से कम नहीं। उन्होंने कहा मेले में नए आयाम जुड़ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि व्यापारियों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी से मेला सफलता के नए सोपान छुएगा।
संभाग आयुक्त एवं मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बी एम शर्मा ने कहा कि मेले को और ऊँचाईयाँ प्रदान करने के लिये अलग-अलग संगोष्ठियाँ आयोजित कर व्यापारियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए जायेंगे। साथ ही मेले की रंगाई-पुताई कर सौंदर्यीकरण किया जायेगा और नए सिरे से शौचालय भी बनाए जायेंगे। उन्होंने कहा मेले में वर्ष भर गतिविधियाँ आयोजित करने के प्रयास भी प्रमुखता से होंगे। आयुक्त ने कहा कि इस साल मेले में एक से एक बढ़कर मनोरंजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम दंगल, पतंग प्रतियोगिता, दिव्यांगों की ट्राइस्किल रेस इत्यादि का आयोजन हुआ। मेले में पर्यावरण फ्रेंडली 15 हजार कागज के बैग भी व्यापारियों को मुहैया कराए गए। जिला प्रशासन द्वारा आनंदम गतिविधियों के तहत बेसहारा बच्चों व वरिष्ठ नागरिकों को मेले की सैर कराई गई। डाकतार विभाग द्वारा मेला का आवरण भी जारी किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनीषा भुजवल सिंह यादव, साडा अध्यक्ष श्री राकेश जादौन, नगर निगम सभापति श्री राकेश माहौर, कलेक्टर श्री राहुल जैन, पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष, नगर निगम आयुक्त श्री विनोद शर्मा व मेला सचिव श्री शैलेन्द्र मिश्रा मंचासीन थे।
कार्यक्रम के अंत में केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर सहित अन्य अतिथियों ने मेले में श्रेष्ठ व्यवस्थाओं के लिये कलेक्टर श्री राहुल जैन, पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष व नगर निगम आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रदर्शनी एवं श्रेष्ठ साज-सज्जा वाली दुकानों इत्यादि को भी पुरस्कृत किया गया। केन्द्रीय शासन की प्रदर्शनी में भारतीय रेलवे की प्रदर्शनी को प्रथम पुरस्कार मिला। इसी प्रकार राज्य शासन की प्रदर्शनी में पशुपालन विभाग को प्रथम, उद्यानिकी को द्वितीय, वन विभाग को तृतीय, मत्स्य विभाग को सांत्वना एवं जनसंपर्क व उद्योग विभाग की प्रदर्शनी को विशेष पुरस्कार से नवाजा गया। अर्द्धशासकीय प्रदर्शनी में राज्य कृषि विपणन बोर्ड (मंडी) की प्रदर्शनी को प्रथम, नगर निगम को द्वितीय व जिला विधिक सहायता की प्रदर्शनी को तृतीय पुरस्कार मिला। इस श्रेणी में जिला पर्यटन संवर्धन परिषद सेल्फी जोन को विशेष पुरस्कार दिया गया। अशासकीय प्रदर्शनी में नशामुक्ति सामाजिक संस्था को प्रथम, बेटी बचाओ सामाजिक संस्था को द्वितीय, विज्ञान प्रदर्शनी को तृतीय स्थान का पुरस्कार मिला। आरंभ में स्कूली बच्चों द्वारा कर्णप्रिय स्वागत गीत एवं मध्यप्रदेश गान की संगीतमयी प्रस्तुति दी गई।
मेला दस्तावेज धरोहर प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन
केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर सहित अन्य अतिथियों ने कला मंदिर रंगमंच प्रांगण में श्री केदार जैन द्वारा लगाई गई मेला दस्तावेज धरोहर प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में सन् 1912 से लेकर आजादी और उसके बाद तक अखबारों में खासकर जयाजी प्रताप में मेले पर प्रकाशित हुए लेख और छायाचित्रों को बखूबी ढंग से सजाया गया है। समापन समारोह में आए नागरिकों ने इस प्रदर्शनी की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

































































